घर के अंदर दफ्न था मौत का राज? सौतेली मां और पिता पर बेटी के कत्ल का आरोप, अंतिम संस्कार के बाद मचा हड़कंप
पहले मां की रहस्यमयी मौत, अब बेटी की संदिग्ध मौत ने खड़े किए कई खौफनाक सवाल

मेरठ: मेरठ में एक नाबालिग बच्ची की मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मामला सिर्फ एक संदिग्ध मौत का नहीं, बल्कि रिश्तों के भीतर छिपे उस डरावने सच का है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। बच्ची के मामा ने पिता और सौतेली मां पर मिलकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मौत के तुरंत बाद आनन-फानन में शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
पूरा मामला भावनपुर थाना क्षेत्र की गोकुलधाम सोसाइटी का बताया जा रहा है। यहां रहने वाले कपिल शर्मा की शादी साल 2009 में हापुड़ निवासी प्रीति से हुई थी। दोनों के दो बच्चे थे, जिनमें एक बेटा और एक बेटी खुशबू शामिल थी। लेकिन साल 2017 में प्रीति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उस समय भी कई सवाल उठे थे, लेकिन मामला धीरे-धीरे शांत हो गया।
पत्नी की मौत के महज छह महीने बाद कपिल ने पिंकी नाम की महिला से दूसरी शादी कर ली। आरोप है कि दूसरी शादी के बाद घर का माहौल पूरी तरह बदल गया और बच्चों के साथ प्रताड़ना शुरू हो गई। अब सालों बाद बेटी खुशबू की संदिग्ध मौत ने पुराने जख्म फिर खोल दिए हैं।
मृत बच्ची के मामा भूपेंद्र शर्मा ने पुलिस को दिए बयान में दावा किया है कि कपिल और उसकी दूसरी पत्नी पिंकी मिलकर खुशबू को लगातार प्रताड़ित करते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्ची के साथ मारपीट की जाती थी और वह कई बार मदद की गुहार भी लगा चुकी थी। मामा का कहना है कि खुशबू की मौत सामान्य नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या हो सकती है।
सबसे ज्यादा सवाल इस बात को लेकर उठ रहे हैं कि आखिर मौत के तुरंत बाद शव का अंतिम संस्कार इतनी जल्दी क्यों किया गया। क्या परिवार किसी बड़े राज को छिपाना चाहता था? या फिर घर के भीतर लंबे समय से कुछ ऐसा चल रहा था, जिसकी भनक बाहर नहीं लगने दी गई?
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्ची की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या सच में इसके पीछे कोई साजिश थी। वहीं इलाके में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है, क्योंकि इस घर से जुड़ी दो मौतों ने कई ऐसे सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब मिलना बेहद जरूरी हो गया है।









