रातभर चला ‘ऑपरेशन साइबर शिकंजा’… 89 ठग गिरफ्तार, 40 करोड़ की ऑनलाइन लूट का खौफनाक नेटवर्क ध्वस्त

फर्जी लिंक, डिजिटल अरेस्ट और APK स्कैम से लोगों को बनाते थे शिकार, पुलिस रेड में बरामद हुए सैकड़ों सिम-ATM कार्ड

Delhi Police ने देशभर में फैले एक बड़े साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए ऐसा खुलासा किया है, जिसने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया। पुलिस ने इस ऑपरेशन में अब तक 89 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर करीब 40 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी करने का आरोप है।

बताया जा रहा है कि यह गिरोह लोगों को “डिजिटल अरेस्ट”, फर्जी ऐप और नकली लिंक के जरिए जाल में फंसाता था। ठगी का तरीका इतना खतरनाक था कि लोग डरकर खुद ही अपनी बैंक डिटेल्स और पैसे सौंप देते थे।

मोबाइल में एक क्लिक… और खाली हो जाता था अकाउंट

जांच में सामने आया कि आरोपी APK स्कैम और फर्जी लिंक भेजकर लोगों के मोबाइल फोन तक पहुंच बना लेते थे। जैसे ही कोई यूजर लिंक पर क्लिक करता, साइबर ठग उसके बैंकिंग सिस्टम और निजी जानकारी तक पहुंच जाते थे।

इसके बाद रकम को अलग-अलग “म्यूल अकाउंट्स” में ट्रांसफर कर दिया जाता था, ताकि ट्रांजैक्शन का पता लगाना मुश्किल हो जाए।

7 राज्यों में एक साथ छापेमारी

Delhi Police की स्पेशल टीमों ने लगातार तकनीकी निगरानी और डिजिटल इंटेलिजेंस के आधार पर ऑपरेशन चलाया।

इस दौरान झारखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली समेत कई राज्यों में एक साथ रेड की गई। पुलिस ने 35 साइबर अपराधियों को मौके से गिरफ्तार किया, जबकि 54 अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

रेड में मिला ऐसा सामान, देखकर अधिकारी भी रह गए दंग

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने—

  • 14.18 लाख रुपये नकद
  • 359 सिम कार्ड
  • 218 ATM कार्ड
  • 88 मोबाइल फोन

बरामद किए हैं।

इसके अलावा साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल होने वाला पूरा तकनीकी नेटवर्क और फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर भी जब्त किया गया है।

1 करोड़ से ज्यादा रकम बचाई गई

पुलिस के मुताबिक, समय रहते कार्रवाई होने से करीब 1.11 करोड़ रुपये की रकम बचा ली गई। इनमें से लगभग 51.95 लाख रुपये पीड़ितों को वापस भी कराए जा चुके हैं।

‘डिजिटल अरेस्ट’ से फैला रहे थे डर

जांच में यह भी सामने आया कि ठग खुद को पुलिस, CBI या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल करते थे। इसके बाद उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर लाखों रुपये ट्रांसफर करवाए जाते थे।

अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और बैंक खातों की भी जांच कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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