PM मोदी ने मेलोनी को दी ‘Melody’… फिर सोशल मीडिया पर मचा तूफान! 1 रुपये की टॉफी के पीछे छिपी है हजारों करोड़ की कहानी

‘Melodi’ ट्रेंड ने फिर बढ़ाई इंटरनेट की धड़कन, बचपन की टॉफी से लेकर बिजनेस साम्राज्य तक की कहानी जानकर रह जाएंगे हैरान

भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi और इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni की दोस्ती एक बार फिर दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गई है। इस बार वजह बनी भारत की मशहूर ‘Melody’ टॉफी, जिसे पीएम मोदी ने खास तौर पर मेलोनी को गिफ्ट किया।

जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर ‘Melodi’ ट्रेंड आग की तरह फैल गया। ‘Melodi’ नाम मोदी और मेलोनी के नाम को जोड़कर बनाया गया है, जिसे लोग दोनों नेताओं की खास बॉन्डिंग का प्रतीक मान रहे हैं।

“Melody हमारी दोस्ती की मिठास है…”

इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर पीएम मोदी का धन्यवाद किया। वीडियो में उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “Melody हमारी दोस्ती की मिठास को और बढ़ाती है।”

बस फिर क्या था… इंटरनेट पर मीम्स, वीडियो और पोस्ट्स की बाढ़ आ गई। कई लोगों ने लिखा कि “1 रुपये की टॉफी ने इंटरनेशनल डिप्लोमेसी में भी एंट्री मार दी।”

आखिर ‘Melody’ इतनी चॉकलेटी क्यों है?

“Melody इतनी चॉकलेटी क्यों है?” — यह लाइन भारत के करोड़ों लोगों के बचपन का हिस्सा रही है। 80 और 90 के दशक में इस टॉफी ने बच्चों से लेकर बड़ों तक को अपना दीवाना बना दिया था।

दरअसल, Parle Products ने साल 1983 में ‘Melody’ टॉफी लॉन्च की थी। चॉकलेट और कैरेमल के अनोखे स्वाद ने इसे देखते ही देखते देशभर में सुपरहिट बना दिया।

1 रुपये की टॉफी… लेकिन कंपनी हजारों करोड़ की

‘Melody’ बनाने वाली कंपनी Parle Products की शुरुआत 1929 में हुई थी। इसकी नींव उद्योगपति Mohanlal Dayal Chauhan ने रखी थी। स्वदेशी आंदोलन से प्रेरित होकर उन्होंने विदेशी प्रोडक्ट्स के मुकाबले भारतीय ब्रांड तैयार करने का फैसला किया।

मुंबई के विले पार्ले इलाके में एक पुरानी फैक्ट्री से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे भारत के सबसे बड़े फूड ब्रांड्स में बदल गया। आज पारले के प्रोडक्ट्स करोड़ों घरों तक पहुंच चुके हैं।

Parle G से लेकर Melody तक… हर घर में पहचान

Parle-G, Monaco, Hide & Seek, Krackjack, Kismi और Melody जैसे ब्रांड्स ने पारले को घर-घर तक पहुंचाया।

आज भी ‘Melody’ सिर्फ एक टॉफी नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की बचपन की यादों का हिस्सा है।

1999 में तीन हिस्सों में बंट गया पारले साम्राज्य

साल 1999 में चौहान परिवार का बिजनेस तीन हिस्सों में बंट गया।

  • Parle Products ने बिस्कुट और कन्फेक्शनरी कारोबार संभाला।
  • Parle Agro ने पेय पदार्थों में दबदबा बनाया, जिसके तहत Frooti और Appy Fizz जैसे ब्रांड आए।
  • वहीं Bisleri पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के लिए मशहूर हुई।

हाल ही में बिसलेरी को लगभग 7,000 करोड़ रुपये में बेचने की खबरों ने भी कारोबारी दुनिया में हलचल मचा दी थी।

अब टॉफी नहीं… ‘सॉफ्ट डिप्लोमेसी’ का नया चेहरा बनी Melody

पीएम मोदी और Giorgia Meloni की दोस्ती के साथ जुड़ने के बाद ‘Melody’ अब सिर्फ कैंडी नहीं रही। सोशल मीडिया पर लोग इसे भारत की “सबसे स्वीट डिप्लोमैटिक गिफ्ट” बता रहे हैं।

शायद यही वजह है कि दशकों पुरानी 1 रुपये की यह टॉफी आज फिर देश-दुनिया में चर्चा के केंद्र में आ गई है।

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