स्वीडन से निकलते ही दुनिया की नजरें पीएम मोदी पर, अब नॉर्वे में होने वाला है बड़ा कूटनीतिक खेल

दो दिवसीय दौरे के बाद ओस्लो रवाना हुए प्रधानमंत्री, AI से लेकर व्यापार तक कई बड़े समझौतों ने बढ़ाई हलचल

नई दिल्ली। Narendra Modi स्वीडन की अपनी दो दिवसीय यात्रा समाप्त करने के बाद सोमवार सुबह नॉर्वे के लिए रवाना हो गए। अब पूरी दुनिया की नजरें ओस्लो में होने वाले तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन पर टिक गई हैं, जहां कई अहम वैश्विक मुद्दों और रणनीतिक साझेदारियों पर बड़ी चर्चा होने की संभावना है।

नॉर्वे रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर स्वीडन यात्रा को लेकर एक विशेष पोस्ट साझा किया। उन्होंने कहा कि यह दौरा कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों से भरा रहा, जिससे भारत और स्वीडन के रिश्तों को नई गति मिलने जा रही है।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भारत-स्वीडन संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने, संयुक्त नवाचार साझेदारी 2.0 की शुरुआत और भारत-स्वीडन टेक्नोलॉजी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कॉरिडोर लॉन्च करने जैसे फैसले बेहद अहम रहे। इसके साथ ही अगले पांच वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी तय किया गया है।

Sweden सरकार और वहां के प्रधानमंत्री Ulf Kristersson का धन्यवाद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि स्वीडन की जनता ने उन्हें बेहद स्नेह और मित्रता दी, जिसे वे हमेशा याद रखेंगे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत-स्वीडन संयुक्त कार्य योजना 2026-2030 के तहत ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश और तकनीकी सहयोग पर सहमति बनी है। इस योजना में ‘मेड इन इंडिया’ और ‘मेड विद स्वीडन’ मॉडल पर विशेष जोर दिया गया है।

इसके अलावा ‘जॉइंट इनोवेशन पार्टनरशिप 2.0’ और ‘स्वीडन-भारत टेक्नोलॉजी एवं AI कॉरिडोर’ के जरिए दोनों देशों के स्टार्टअप इकोसिस्टम को जोड़ने और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक 6G टेक्नोलॉजी और छोटे उद्योगों को लेकर भी कई अहम प्रस्तावों पर बातचीत हुई है।

इस यात्रा का सबसे चर्चित पल तब सामने आया जब स्वीडन ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च विदेशी सम्मान ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार’ से सम्मानित किया। इसे विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को दिया जाने वाला स्वीडन का सबसे बड़ा सम्मान माना जाता है। इस सम्मान के बाद भारत और स्वीडन के रिश्तों में नई मजबूती आने के संकेत माने जा रहे हैं।

अब पीएम मोदी का अगला पड़ाव Oslo है, जहां होने वाला भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन कई बड़े वैश्विक और आर्थिक फैसलों का केंद्र बन सकता है।

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