शपथ के 48 घंटे बाद बड़ा फैसला, किस मंत्री को मिला कितना पावरफुल विभाग… सामने आया पूरा ‘पावर मैप’
35 विभाग खुद रखे, गृह मंत्रालय चेन्निथला को... केरल की नई सत्ता में आखिर क्या चल रहा? सतीशन कैबिनेट का अंदरूनी गणित चौंकाएगा

V. D. Satheesan की अगुवाई वाली नई यूडीएफ सरकार में विभागों का बंटवारा होते ही केरल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ने वित्त, कानून, सामान्य प्रशासन और बंदरगाह समेत 35 विभाग अपने पास रखकर साफ संकेत दे दिए हैं कि नई सरकार में सत्ता की कमान पूरी तरह उनके हाथ में रहने वाली है।
सबसे ज्यादा चर्चा वरिष्ठ कांग्रेस नेता Ramesh Chennithala को गृह और सतर्कता जैसे बेहद अहम विभाग मिलने को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में इसे सरकार का ‘सबसे बड़ा पावर सेंटर’ माना जा रहा है। गृह मंत्रालय के साथ उन्हें तीन और विभाग भी सौंपे गए हैं।
किसे मिला कितना ताकतवर मंत्रालय?
आईयूएमएल नेता P. K. Kunhalikutty को उद्योग, वाणिज्य, सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप, खनन एवं भूविज्ञान और हथकरघा-वस्त्र जैसे सात विभाग दिए गए हैं। माना जा रहा है कि राज्य की नई इंडस्ट्रियल और टेक नीति की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर होगी।
वहीं केपीसीसी अध्यक्ष Sunny Joseph को बिजली, पर्यावरण और संसदीय कार्य विभाग सौंपे गए हैं। दूसरी तरफ वरिष्ठ नेता K. Muraleedharan को स्वास्थ्य, देवस्वम, खाद्य सुरक्षा और चिकित्सा शिक्षा समेत सात विभाग देकर सरकार ने बड़ा भरोसा जताया है।
इसके अलावा Rosy M. John को उच्च शिक्षा, A. P. Anil Kumar को भूमि और राजस्व तथा N. Shamsudheen को सामान्य शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
सहयोगी दलों को भी मिला बड़ा हिस्सा
आरएसपी विधायक Shibu Baby John को वन एवं वन्यजीव संरक्षण और कौशल विकास विभाग दिया गया है। वहीं केरल कांग्रेस (जोसेफ) कोटे से मंत्री Mons Joseph सिंचाई, भूजल, जल आपूर्ति, स्वच्छता और आवास विभाग संभालेंगे।
18 मई को ली थी शपथ, अब शुरू हुआ असली सत्ता खेल
राज्यपाल Rajendra Vishwanath Arlekar ने मुख्यमंत्री की सिफारिश पर विभागों के बंटवारे को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल ने 18 मई को शपथ ग्रहण की थी, लेकिन असली राजनीतिक हलचल अब विभागों के आवंटन के बाद शुरू हुई है।
“सांप्रदायिकता बर्दाश्त नहीं होगी”… सतीशन का सख्त संदेश
मंत्रिमंडल की पहली अहम बैठक के बाद मुख्यमंत्री V. D. Satheesan ने साफ कहा कि यूडीएफ अपने धर्मनिरपेक्ष रुख से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि सांप्रदायिक भाषा बोलने वालों का “कड़ा विरोध” किया जाएगा और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा।









