“मैं फंस गई हूं… तू मत फंसना” — आखिरी मैसेज के बाद मिली ट्विशा की लाश, अब मौत पर उठे खौफनाक सवाल

दो महीने की प्रेग्नेंट ट्विशा ने दोस्त को भेजा था डर से भरा मैसेज, अगले ही दिन ससुराल में फंदे पर मिली… परिवार बोला- ये आत्महत्या नहीं

भोपाल। “मैं फंस गई हूं, यार… बस तू मत फंसना… ज्यादा बात नहीं कर सकती…”
यह कोई फिल्मी डायलॉग नहीं, बल्कि 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा का अपनी दोस्त को भेजा गया आखिरी मैसेज था। इस मैसेज के कुछ घंटों बाद जो खबर आई, उसने हर किसी को हिला दिया।

नोएडा की रहने वाली और भोपाल के एक रसूखदार परिवार में शादी करने वाली ट्विशा शर्मा 12 मई को अपने ससुराल में फांसी पर लटकी मिली। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ट्विशा दो महीने की गर्भवती थी और मौत से ठीक पहले उसने अपनी दोस्त मीनाक्षी को ऐसा संदेश भेजा था, जिसने अब पूरे मामले को रहस्यमय बना दिया है।

ट्विशा ने इंस्टाग्राम पर अपनी दोस्त को लिखा था —
“मैं फंस गई हूं। बस तू मत फंसना। ज्यादा बात नहीं कर सकती। सही समय आने पर कॉल करूंगी।”

इस पर उसकी दोस्त ने जवाब दिया —
“मुझे तुम्हारी चिंता है तुकटुक… मैं तुमसे प्यार करती हूं… मैं तुम्हारे साथ हूं।”

लेकिन वह कॉल कभी नहीं आया।

अगले ही दिन ट्विशा की मौत की खबर सामने आ गई। इसके बाद परिवार ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि ट्विशा लंबे समय से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेल रही थी। परिवार का दावा है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश हो सकती है।

मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब रविवार को ट्विशा का परिवार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास के बाहर धरने पर बैठ गया। परिवार ने दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की और अंतिम संस्कार करने से भी इनकार कर दिया।

ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा ने आरोप लगाया कि पुलिस जांच में गंभीर लापरवाही हुई है। उनका कहना है कि घटना के दो दिन बाद एफआईआर दर्ज हुई और अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि जांच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।

परिवार के मुताबिक ट्विशा के शरीर पर हाथ और कान के पास चोट के निशान थे, जिससे हत्या की आशंका और गहरा गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कई संदिग्ध परिस्थितियों के बावजूद मामले को आत्महत्या बताने की इतनी जल्दबाजी क्यों की जा रही है।

ट्विशा के पिता ने यह भी दावा किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उन्हें भरोसा नहीं है। उन्होंने शव को कम तापमान पर सुरक्षित रखने की मांग की और कहा कि जरूरत पड़ी तो वे फिर अदालत जाएंगे।

धरने के दौरान परिवार घंटों तक मुख्यमंत्री से मिलने की मांग करता रहा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन परिवार बिना आश्वासन के हटने को तैयार नहीं हुआ। इस दौरान ट्विशा के पिता ने न्याय नहीं मिलने पर आत्मदाह तक की चेतावनी दे डाली।

अब यह मामला सिर्फ एक संदिग्ध मौत नहीं, बल्कि सिस्टम और जांच पर उठते सवालों का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है — आखिर ट्विशा किस “जाल” में फंसने की बात कर रही थी?

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