शपथ के कुछ घंटों बाद ही बड़ा एक्शन, पुराने हमलों की फाइल खुलते ही केरल की राजनीति में मचा भूचाल

नए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने SIT जांच का दिया आदेश, 2023 की हिंसा फिर बनी सियासी विस्फोट का कारण

नई दिल्ली। VD Satheesan ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक फैसला लेकर केरल की सियासत में हलचल मचा दी है। सत्ता संभालने के कुछ ही घंटों बाद सतीशन ने 2023 में ‘नव केरल यात्रा’ के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमलों की जांच के लिए SIT गठन का आदेश दे दिया।

यह वही मामला है जिसने तीन साल पहले केरल की राजनीति में जबरदस्त टकराव पैदा कर दिया था। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan के काफिले को काले झंडे दिखाने पहुंचे यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कथित हमला हुआ था। घटना के बाद विपक्ष और वामपंथी सरकार के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई थी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता MM Hassan ने उस वक्त आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा टीम और पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बेरहमी से पिटाई की थी। उन्होंने विजयन को राज्य का “सबसे क्रूर गृहमंत्री” तक बता दिया था।

बताया गया कि यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता ‘नव केरल सदस’ के विरोध में काले झंडे दिखा रहे थे। इसी दौरान अलाप्पुझा से नवनिर्वाचित विधायक एडी थॉमस और यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव अजय ज्यूल कुरियाकोस समेत कई कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ। इस घटना में थॉमस के सिर में गंभीर चोट लगी थी, जबकि कुरियाकोस का हाथ फ्रैक्चर हो गया था।

सबसे बड़ा सवाल तब खड़ा हुआ जब टीवी चैनलों पर पूरी घटना की फुटेज सामने आने के बावजूद पुलिस ने शुरुआत में कोई केस दर्ज नहीं किया। बाद में पीड़ित कार्यकर्ताओं को न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास कोर्ट ने फुटेज देखने के बाद केस दर्ज करने का आदेश दिया था।

घटना को लेकर आरोप लगे कि मुख्यमंत्री के गनमैन समेत कई सुरक्षाकर्मियों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठियों से हमला किया। हालांकि पुलिस ने शुरुआती जांच में इसे सुरक्षा कार्रवाई बताते हुए किसी भी हिंसा से इनकार किया था।

मामला और विवादित तब हो गया जब जांच के दौरान आरोपी गनमैन को प्रमोशन देकर इंस्पेक्टर बना दिया गया। कई नोटिस भेजे जाने के बावजूद वह जांच में पेश नहीं हुआ था। बाद में उसका बयान तिरुवनंतपुरम में दर्ज किया गया।

अब सत्ता परिवर्तन के बाद इस पूरे मामले की SIT जांच के आदेश ने साफ संकेत दे दिए हैं कि केरल में पुरानी राजनीतिक फाइलें फिर खुलने वाली हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस में कई बड़े खुलासे और कार्रवाई सामने आ सकती है।

Related Articles

close