वेदांता प्लांट में मौत का ब्लास्ट! मरने वालों का आंकड़ा हुआ 19…मजिस्ट्रियल जांच के आदेश…तकनीकी खराबी या बड़ी चूक?

सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भयावह बॉयलर विस्फोट ने अब और भी डरावना रूप ले लिया है। हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है, जिससे पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
यह दर्दनाक हादसा मंगलवार दोपहर वेदांता लिमिटेड के सिंघीतराई स्थित बिजली संयंत्र में हुआ था, जहां अचानक हुए विस्फोट ने काम कर रहे मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं दिया। शुरुआती जानकारी में 9 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन बुधवार को 10 और श्रमिकों ने दम तोड़ दिया।
पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के अनुसार, इस हादसे में कुल 36 श्रमिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 19 की मौत हो चुकी है, जबकि 17 घायल मजदूरों का इलाज रायपुर और रायगढ़ के अस्पतालों में जारी है। कई घायलों की हालत अब भी गंभीर बताई जा रही है।
हादसे के बाद जिला प्रशासन और प्लांट प्रबंधन की बैठक में मुआवजे का ऐलान किया गया। मृतकों के परिजनों को 35 लाख रुपये की सहायता राशि और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का निर्णय लिया गया है। वहीं, घायलों के इलाज का पूरा खर्च प्लांट प्रबंधन द्वारा उठाया जा रहा है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ, उस समय सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और क्या इसमें किसी प्रकार की लापरवाही शामिल थी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसा बॉयलर यूनिट-1 में भाप पाइप की जल आपूर्ति लाइन के जॉइंट में तकनीकी खराबी के कारण हुआ। अब औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के निरीक्षणों की भी समीक्षा की जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं सुरक्षा मानकों की अनदेखी तो नहीं की गई।
इस घटना ने राजनीतिक माहौल भी गरमा दिया है। कांग्रेस ने मामले की अलग से जांच के लिए टीम गठित की है, जो पीड़ित परिवारों और घायल मजदूरों से मिलकर सच्चाई सामने लाने की कोशिश करेगी।
मृतकों में विभिन्न राज्यों के मजदूर शामिल हैं, जिनमें बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के श्रमिक शामिल हैं। यह हादसा न सिर्फ कई परिवारों को उजाड़ गया, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर गया है।









