झारखंड कैबिनेट ब्रेकिंग : हेमंत कैबिनेट की बैठक शुरू, मंत्रिपरिषद की बैठक में इन मुद्दों पर हो रही है चर्चा, जानिये किन मुद्दों पर लिये जा सकते हैं फैसले…

Jharkhand Cabinet Breaking: Hemant Cabinet meeting begins; these issues are currently being discussed during the Council of Ministers' meeting. Find out which issues are likely to see decisions taken...

झारखंड में नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में कुछ देर में शुरू होगी। बैठक में वित्त आयोग के कार्यकाल विस्तार और विकास योजनाओं पर अहम फैसले लिए जा सकते हैं।

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रांची। हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक हो रही है। कुछ देर में ये बैठक शुरू होने वाली है। इसे वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली औपचारिक कैबिनेट बैठक माना जा रहा है, जिसमें सरकार आगामी वर्ष की विकास रणनीतियों, प्रशासनिक प्राथमिकताओं और विभिन्न नीतिगत प्रस्तावों पर विचार करेगी।

 

मिली जानकारी के मुताबिक सचिवालय स्तर पर बैठक के एजेंडे को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। इस बैठक में कई लोक-लुभावन योजनाओं और नीतिगत फैसलों को मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है, जिनका सीधा असर राज्य की जनता और विकास की दिशा पर पड़ेगा।

 

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा झारखंड राज्य वित्त आयोग के कार्यकाल को लेकर है। जानकारी के मुताबिक, आयोग का कार्यकाल हाल ही में समाप्त हो गया है, जिससे वित्तीय अनुशंसाओं की निरंतरता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ऐसे में सरकार आयोग को अवधि विस्तार देने या उसके पुनर्गठन पर निर्णय ले सकती है।

 

ज्ञात हो कि सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी ए.पी. सिंह की अध्यक्षता में गठित इस तीन सदस्यीय आयोग ने पिछले दो वित्तीय वर्षों के लिए अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर पंचायतों और स्थानीय निकायों को बजट आवंटित किया गया था।

 

राज्य वित्त आयोग की भूमिका पंचायतों और स्थानीय निकायों के सशक्तिकरण में बेहद अहम मानी जाती है। केंद्र सरकार द्वारा पंचायतों को दिया जाने वाला वित्तीय आवंटन भी काफी हद तक आयोग की अनुशंसाओं पर आधारित होता है। आयोग में अध्यक्ष के अलावा सदस्य हरीश्वर दयाल और पंचायती राज निदेशक भी शामिल रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण विकास की गति को बनाए रखने के लिए आयोग का कार्यकाल बढ़ाना एक आवश्यक कदम माना जा रहा है।

 

इसके अलावा, कैबिनेट बैठक में विभिन्न न्यायालयों द्वारा दिए गए आदेशों के अनुपालन और उनसे जुड़े कानूनी मामलों पर भी चर्चा होने की संभावना है। सरकार प्रशासनिक सुधारों और लंबित मामलों के समाधान को लेकर भी रणनीति बना सकती है।सूत्रों का कहना है कि कई विभागों में लंबित विकास कार्यों, नई नियुक्तियों और योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी बैठक में विचार किया जाएगा।

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