झारखंड- वेतन घोटाले में अब ट्रांसफर का एक्शन, पुलिस लेखापालों पर होगी बड़ी कार्रवाई, एक ही जिले में जमे कर्मियों को हटाने का आदेश
Jharkhand: Transfer Action Initiated in Salary Scam; Major Action Awaits Police Accountants—Orders Issued to Relocate Personnel Stationed in the Same District.

झारखंड में पुलिस विभाग में हुए वेतन घोटाले को लेकर एक्शन की बारी है। एक तरफ जहां जांच के आदेश दिये गये हैं, तो वहीं दूसरी तरफ झारखंड सरकार ने पुलिस विभाग में लंबे समय से एक ही जिले में पदस्थ लेखापालों को हटाने का फैसला लिया है। वेतन निकासी घोटालों और वित्तीय अनियमितताओं के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है।
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रांची। वेतन घोटाले को लेकर बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। झारखंड सरकार ने पुलिस विभाग में वर्षों से एक ही स्थान पर जमे लेखापालों (एकाउंटेंट) के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जो पुलिस लेखापाल पांच या उससे अधिक वर्षों से एक ही जिले में कार्यरत हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया जाए।
सरकार के इस फैसले के पीछे हाल के दिनों में सामने आए वेतन निकासी घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं के मामले प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। खासकर Bokaro, Hazaribagh और Garhwa जिलों में पुलिस वेतन मद से अधिक राशि निकासी के मामले उजागर हुए हैं। इन मामलों ने प्रशासन को झकझोर दिया है और यह आशंका जताई जा रही है कि इसी तरह की अनियमितताएं अन्य जिलों में भी हो सकती हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन लेखापालों का स्थानांतरण किया जाएगा, उन्हें नए जिले में भी लेखा संबंधी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। इस निर्णय का उद्देश्य यह है कि लंबे समय तक एक ही पद और स्थान पर बने रहने से जो नेटवर्क विकसित हो जाते हैं, उन्हें तोड़ा जा सके और भविष्य में किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
इस संबंध में राज्य के वित्त मंत्री Radhakrishna Kishore ने वित्त विभाग के सचिव को पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गृहमंत्री और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) स्तर से भी आदेश जारी कर सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे ऐसे कर्मियों की पहचान कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करें।
सरकार ने सभी जिलों से उन लेखापालों की सूची मांगी है, जो पांच साल या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर स्थानांतरण की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही, पूर्व में सामने आए मामलों को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए सीआईडी जांच को भी मंजूरी दे दी है।









