घुसपैठियों पर अब आखिरी वार? अमित शाह का बड़ा ऐलान—नाम हटे, अब देश से बाहर करने की तैयारी!
बंगाल चुनाव से पहले सियासी तापमान हाई, सीमाएं सील करने से लेकर 45 दिन में बड़ा एक्शन का दावा

कोलकाता। कोलकाता में चुनावी माहौल के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी हलचल तेज कर दी है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से घुसपैठियों के नाम हटाना सिर्फ पहला कदम है, अब अगला लक्ष्य उन्हें देश से बाहर करना होगा।
उत्तर बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान कूचबिहार जिले के तुफानगंज में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने साफ संकेत दिए कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार बनती है, तो पूर्वी सीमाओं को इस तरह सील किया जाएगा कि “परिंदा भी पर नहीं मार सके।”
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सीमा पर बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल को जरूरी जमीन उपलब्ध नहीं करा रही हैं। शाह ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद मात्र 45 दिनों के भीतर सीमांकन का काम पूरा कर लिया जाएगा।
अमित शाह ने यह भी कहा कि यह कार्रवाई केवल घुसपैठ रोकने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जो लोग पहले ही देश में घुस चुके हैं, उन्हें बाहर निकालने की दिशा में भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर इस मुद्दे को लेकर गंभीर न होने का आरोप लगाया।
हाल ही में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि इस पर अनावश्यक राजनीतिक विवाद खड़ा किया जा रहा है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने इस प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप लगाए हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने उत्तर बंगाल की उपेक्षा का मुद्दा भी उठाया और कहा कि राज्य के बजट में इस क्षेत्र को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। साथ ही उन्होंने वादा किया कि भाजपा सरकार बनने पर राजबंशी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने और ‘नारायणी बटालियन’ के गठन जैसे कदम उठाए जाएंगे।
जलगांव के राजगंज में एक अन्य सभा में अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता में आने पर एक-एक पाई का हिसाब लिया जाएगा और जनता का पैसा वापस कराया जाएगा।
बंगाल की राजनीति में इस बयान के बाद माहौल और गरमा गया है। अब देखना होगा कि यह सख्त रुख चुनावी मैदान में किस दिशा में असर डालता है।









