झारखंड : रांची में रसोई गैस के लिए हाहाकार…60 हजार सिलिंडर का बैकलॉग, सुबह से लाइनों में भूखे-प्यासे खड़े हैं लोग

Jharkhand: Chaos over cooking gas in Ranchi... A backlog of 60,000 cylinders; people have been standing in queues since morning—hungry and thirsty.

झारखंड की राजधानी रांची में घरेलू एलपीजी गैस सिलिंडर की सप्लाई व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। कई इलाकों में हालात ऐसे हैं कि उपभोक्ताओं को सिलिंडर पाने के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। वहीं करीब 60 हजार से अधिक सिलिंडर का बैकलॉग होने की जानकारी सामने आई है, जिससे स्थिति और बिगड़ गई है।

ऑनलाइन बुकिंग के बाद भी नहीं मिल रही समय पर डिलिवरी

गैस कंपनियां भले ही यह दावा कर रही हों कि बुकिंग के मुकाबले अधिक डिलिवरी की जा रही है, लेकिन जमीनी सच्चाई इससे अलग नजर आ रही है। कई उपभोक्ताओं को समय पर होम डिलिवरी नहीं मिल रही, जिसके चलते लोगों को खुद एजेंसियों और वितरण केंद्रों तक जाना पड़ रहा है।

इरगु टोला में घंटों इंतजार, फिर पहुंचा गैस वाहन

रांची के इरगु टोला स्थित कैलाश मंदिर के पास बुधवार को उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। लोग सुबह से ही सिलिंडर के इंतजार में खड़े रहे, लेकिन गैस वाहन समय पर नहीं पहुंचा। बाद में दोपहर के समय ऑटो के जरिए सिलिंडर की डिलिवरी की गई, जिससे कुछ लोगों को राहत मिली, जबकि कई उपभोक्ता खाली हाथ लौटने को मजबूर हुए।

60 हजार से ज्यादा बैकलॉग, सिस्टम पर बढ़ा दबाव

जानकारी के अनुसार रांची में घरेलू गैस सिलिंडर का बैकलॉग 60 हजार से अधिक पहुंच चुका है। इसी वजह से वितरण प्रणाली पर भारी दबाव बना हुआ है। गैस एजेंसियों के सामने मांग और सप्लाई के बीच संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है।

शादी और लगन के मौसम में बढ़ी कॉमर्शियल सिलिंडर की मांग

इस समय शादी-विवाह और लगन का सीजन चलने के कारण कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की मांग भी तेजी से बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि 120 से अधिक आवेदन कॉमर्शियल सिलिंडर के लिए प्राप्त हुए हैं। उपभोक्ताओं को निर्धारित नियमों के तहत सिक्योरिटी डिपॉजिट और रिफिल राशि जमा करनी पड़ रही है।

उपभोक्ताओं में बढ़ी नाराजगी, व्यवस्था सुधार की मांग तेज

लगातार देरी और अव्यवस्था के चलते आम उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोग मांग कर रहे हैं कि सप्लाई व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए, ताकि घरेलू जरूरतों पर असर न पड़े और राहत मिल सके।

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