बॉर्डर पर साधुओं का रहस्यमयी खेल: 85 लाख की गड्डियां देख उड़े होश, दान या हवाला?जांच में बड़ा खुलासा बाकी

इंडो-नेपाल सीमा पर 6 साधु हिरासत में, भारतीय-नेपाली करेंसी का जखीरा बरामद, आयकर विभाग भी सन्न

Bahraich में भारत-नेपाल सीमा पर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया है। पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की संयुक्त कार्रवाई में 85 लाख रुपये से अधिक की भारतीय और नेपाली मुद्रा बरामद की गई है। इस मामले में साधु वेश में घूम रहे 6 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक Vishwajeet Srivastava के निर्देशन में की गई। रुपईडीहा थाना क्षेत्र में चलाए गए सघन तलाशी अभियान के दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर इन लोगों को पकड़ा गया।

बरामद हुई भारी रकम, बढ़ा शक

पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से 16.5 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा और करीब 69 लाख रुपये की नेपाली करेंसी बरामद हुई है। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद आयकर विभाग भी अलर्ट हो गया है और मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी गई है।

हिरासत में लिए गए लोगों में दो नेपाली नागरिक—राजेश प्रसाद सोनार और प्रताप सिंह जयसवाल—शामिल हैं, जबकि चार अन्य Bahraich के रुपईडीहा क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं, जिनकी पहचान विजय कुमार अग्रवाल, रामगोपाल शुक्ला, मोतीलाल और दीपक कुमार निषाद के रूप में हुई है।

साधु वेश में संदिग्ध गतिविधि

जांच में सामने आया कि दोनों नेपाली नागरिक Jai Gurudev से जुड़े अनुयायियों जैसी पोशाक पहने हुए थे। इससे मामले ने और भी रहस्यमयी मोड़ ले लिया है।

सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर रुपईडीहा थाने में एसएसबी, स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) और आयकर विभाग के अधिकारियों द्वारा पूछताछ की जा रही है।

दान या हवाला? बयान पर उठे सवाल

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया कि यह पैसा Lucknow में जय गुरुदेव के अनुयायियों से दान के रूप में मिला था और इसे नेपाल के बांके जिले में मंदिर निर्माण के लिए ले जाया जा रहा था।

हालांकि पुलिस को इस दावे पर संदेह है। जांच में यह भी सामने आया है कि पूरी रकम पहले भारतीय मुद्रा में थी, जिसे रुपईडीहा में स्थानीय स्तर पर नेपाली करेंसी में बदला गया। 16.5 लाख रुपये भारतीय मुद्रा में ही बरामद हुए हैं।

हवाला एंगल की जांच तेज

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सीमा पार ले जाने के लिए भारतीय मुद्रा को नेपाली करेंसी में बदलने की बात स्वीकार की है। इससे हवाला जैसे अवैध लेनदेन की आशंका और मजबूत हो गई है।

सबसे अहम बात यह है कि आरोपियों के पास इतनी बड़ी रकम के संबंध में कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले हैं। आयकर विभाग को सूचित कर दिया गया है और अब पूरे मामले की गहन जांच जारी है।

जांच के घेरे में और लोग भी

अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के दावों का सत्यापन किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर Lucknow में जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।

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