झारखंड की राजनीति से उठ गया बड़ा चेहरा! चार बार विधायक रहे पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह ने ली अंतिम सांस…गोमिया में पसरा सन्नाटा…
चार बार विधायक रहे पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह ने ली अंतिम सांस, समर्थकों में शोक की लहर

बेरमो (बोकारो): झारखंड और बिहार की राजनीति का एक बड़ा नाम बुधवार को हमेशा के लिए खामोश हो गया। बिहार-झारखंड सरकार में मंत्री रह चुके वरिष्ठ नेता माधव लाल सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही बोकारो जिले समेत पूरे गोमिया विधानसभा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
बताया जा रहा है कि माधव लाल सिंह पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें पहले बोकारो के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें रांची रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान बुधवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।

माधव लाल सिंह सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि गोमिया की राजनीति का ऐसा चेहरा थे जिन्हें लोग “माधव बाबू” के नाम से जानते और सम्मान देते थे। उनका सरल स्वभाव और जनता से सीधा जुड़ाव ही उनकी सबसे बड़ी पहचान माना जाता था।
NEET पेपरलीक पर सुप्रीम कोर्ट में भूचाल! NTA को हटाने की मांग, दोबारा परीक्षा कराने की उठी आवाज
उन्होंने गोमिया विधानसभा सीट से चार बार जीत दर्ज कर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की थी। साल 1985, 1990, 2000 और 2009 में वे विधायक चुने गए। बिहार सरकार में वर्ष 2000 में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। वहीं झारखंड गठन के बाद भी उन्होंने मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी।

उनके निधन की खबर के बाद राजनीतिक गलियारों में भी शोक का माहौल है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और हजारों समर्थकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। गोमिया में उनके समर्थकों की आंखें नम हैं और लोग उन्हें क्षेत्र की राजनीति का मजबूत स्तंभ बता रहे हैं। माधव लाल सिंह के निधन को झारखंड राजनीति के एक युग के अंत के तौर पर देखा जा रहा है।
सोना खरीदने से पहले जान लें बाजार का नया संकेत, पीएम मोदी की अपील के बाद बढ़ी हलचल










