पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील के बाद प्रधानमंत्री ने खुद पेश की मिसाल,18 गाड़ियों की जगह दिखीं सिर्फ 2
अचानक इतना छोटा क्यों हो गया PM मोदी का काफिला? 18 गाड़ियों की जगह दिखीं सिर्फ 2… वजह जानकर रह जाएंगे हैरान”

नई दिल्ली। Narendra Modi ने एक बार फिर ऐसा कदम उठाया है, जिसकी पूरे देश में चर्चा शुरू हो गई है। आमतौर पर 14 से 18 गाड़ियों के लंबे काफिले में चलने वाले प्रधानमंत्री अब बेहद छोटे काफिले में नजर आए। बुधवार को कैबिनेट बैठक के दौरान पीएम मोदी सिर्फ चार गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे, जबकि बैठक खत्म होने के बाद वे महज दो गाड़ियों के साथ अपने आवास लौटे।
प्रधानमंत्री के इस बदले अंदाज ने सभी को चौंका दिया। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर अचानक पीएम मोदी ने अपने काफिले का आकार इतना छोटा क्यों कर दिया?
दरअसल, पश्चिम एशिया संकट और Iran–Israel conflict के चलते दुनियाभर में तेल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसी बीच पीएम मोदी ने देशवासियों से ईंधन बचाने की अपील की थी। अब उन्होंने खुद उसी अपील पर अमल करते हुए अपने काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या में करीब 90 फीसदी तक कटौती कर दी है।
जानकारी के मुताबिक पहले प्रधानमंत्री के काफिले में सुरक्षा, तकनीकी सहायता और मेडिकल सपोर्ट समेत 14 से 18 वाहन शामिल रहते थे। इनमें बड़ी एसयूवी, सुरक्षा वाहन और एंबुलेंस जैसी गाड़ियां शामिल होती थीं। लेकिन अब इसे घटाकर सिर्फ 2 से 4 वाहनों तक सीमित किया जा रहा है।
हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह व्यवस्था केवल दिल्ली तक सीमित रहेगी या फिर दूसरे राज्यों के दौरों में भी पीएम इतने छोटे काफिले के साथ नजर आएंगे। सुरक्षा एजेंसी Special Protection Group परिस्थितियों और सुरक्षा इनपुट के आधार पर अंतिम फैसला ले सकती है।
बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री के काफिले में इस्तेमाल होने वाली अधिकांश गाड़ियां बड़ी एसयूवी होती हैं, जिनका माइलेज औसतन 6 से 8 किलोमीटर प्रति लीटर होता है। ऐसे में पहले 100 किलोमीटर के दौरे में करीब 250 से 300 लीटर तक ईंधन खर्च हो जाता था। अब गाड़ियों की संख्या कम होने से ईंधन खपत में बड़ी कमी आने की संभावना है।
सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी के इस फैसले के बाद कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी अपने काफिले छोटे करने पर विचार शुरू कर दिया है।









