PM मोदी की अपील के बाद बड़ा असर! अब Air India ने उठाया ऐसा कदम, यात्रियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी यात्राएं कम करने की अपील के बीच एयर इंडिया ने 3 महीने के लिए कई इंटरनेशनल फ्लाइट्स घटाईं

नई दिल्ली। Narendra Modi की ईंधन बचाने और विदेशी यात्राएं कम करने की अपील का असर अब जमीन से लेकर आसमान तक दिखाई देने लगा है। टाटा समूह की एयरलाइन Air India ने बड़ा फैसला लेते हुए जून से अगस्त 2026 तक कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती करने का ऐलान किया है। कुछ रूट्स पर फ्लाइट्स की संख्या कम की जाएगी, जबकि कुछ सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित भी की जा सकती हैं।

एअर इंडिया का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईंधन संकट के बीच विमानन कंपनियों की परिचालन लागत तेजी से बढ़ी है।

बताया जा रहा है कि हाल ही में पीएम मोदी ने देशवासियों से एक साल तक सोना खरीदने से बचने और विदेशी यात्राएं कम करने की अपील की थी, ताकि भारतीय अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव को कम किया जा सके। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी लगातार कमजोर हो रहा है और 95 के स्तर को पार कर 96 की ओर बढ़ रहा है।

इसी बीच एअर इंडिया ने अपने इंटरनेशनल नेटवर्क में बड़ा बदलाव करते हुए फ्लाइट संचालन सीमित करने का फैसला लिया है। एयरलाइन के मुताबिक हर महीने करीब 1200 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन जारी रहेगा, जिससे पांच महाद्वीपों तक कनेक्टिविटी बनी रहेगी।

नई व्यवस्था के तहत उत्तरी अमेरिका के लिए हर सप्ताह 33 फ्लाइट्स, यूरोप के लिए 47, यूके के लिए 57, ऑस्ट्रेलिया के लिए 8, दक्षिण-पूर्व एशिया और SAARC देशों के लिए 158 तथा मॉरीशस के लिए 7 साप्ताहिक उड़ानें संचालित की जाएंगी।

जानकारी के अनुसार विमान ईंधन (ATF) की कीमत 160 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जो एयरलाइंस की कुल परिचालन लागत का 40 फीसदी से अधिक हिस्सा होती है। ऐसे में एयरलाइंस पर भारी आर्थिक दबाव बढ़ गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मियों की छुट्टियों के दौरान फ्लाइट्स की संख्या कम होने से यात्रियों को टिकट महंगे मिलने की संभावना है। साथ ही कई लोकप्रिय अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर सीटों की उपलब्धता भी प्रभावित हो सकती है।

Related Articles

close