NEET पेपरलीक पर सुप्रीम कोर्ट में भूचाल! NTA को हटाने की मांग, दोबारा परीक्षा कराने की उठी आवाज

22 लाख छात्रों की परीक्षा पर संकट, कोर्ट की निगरानी में नई एजेंसी बनाने की मांग से मचा हड़कंप

NEET-UG 2026 पेपरलीक मामला अब देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंच गया है। परीक्षा रद्द होने के बाद इस पूरे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में सिर्फ जांच की मांग नहीं, बल्कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA को हटाकर नई संस्था बनाने की मांग भी की गई है। इस याचिका ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन यानी FAIMA की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि NEET जैसी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पूरी तरह टूट चुकी है। ऐसे में NTA में बड़े सुधार किए जाएं या फिर उसकी जगह नई हाई-टेक और स्वतंत्र संस्था बनाई जाए।

याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि पूरे मामले की निगरानी अदालत खुद करे और सीबीआई को चार हफ्तों के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया जाए। साथ ही NEET-UG 2026 परीक्षा दोबारा कराने की भी मांग रखी गई है।

सबसे चौंकाने वाली मांग यह है कि दोबारा होने वाली परीक्षा की निगरानी सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई-लेवल कमेटी करे। याचिका के मुताबिक इस कमेटी की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज के हाथों में होनी चाहिए। इसके अलावा कमेटी में साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट और फॉरेंसिक साइंटिस्ट को भी शामिल करने की मांग की गई है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि जब तक राष्ट्रीय परीक्षा अखंडता आयोग यानी NEIC नाम की नई संस्था नहीं बन जाती, तब तक यही कमेटी परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करे। पेपर लीक रोकने के लिए प्रश्नपत्रों को डिजिटल लॉक करने और ऑफलाइन परीक्षा की जगह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट यानी CBT मॉडल लागू करने की भी मांग उठाई गई है।

गौरतलब है कि राजस्थान में पेपर लीक के खुलासे के बाद NTA ने 3 मई 2026 को हुई NEET-UG परीक्षा रद्द कर दी थी। इस परीक्षा में देशभर के 22 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया था। जांच में सामने आया कि बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 35 सवाल हूबहू लीक हुए पेपर से मेल खा रहे थे।

पेपरलीक के तार राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तराखंड और अन्य राज्यों तक जुड़े पाए गए हैं। मामला सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने जांच सीबीआई को सौंप दी है। अब एजेंसियां पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं।

इस बीच लाखों छात्र और अभिभावक असमंजस में हैं। परीक्षा दोबारा होगी या नहीं, नई तारीख कब आएगी और क्या देश की सबसे बड़ी मेडिकल परीक्षा की साख बच पाएगी, इन सवालों ने पूरे देश में चिंता बढ़ा दी है।

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