Big हादसा ! सास, पांच बहुएं सहित एक ही परिवार के सात लोगों …अंतिम संस्कार के कार्यक्रम से लौटने के दौरान भीषण सड़क हादसा

Big accident! Seven members of the same family, including a mother-in-law and five daughters-in-law, died in a horrific road accident while returning from a funeral ceremony.

Big Accident : एक भीषण सड़क हादसे में पूरा परिवार  हो गया। सास और पांच बहुएं समेत एक ही परिवार के सात लोगों की jan  chali गयी। हादसा उस वक्त हुआ, जब परिवार अंतिम संस्कार के कार्यक्रम से लौट रहा था। पूरी घटना राजस्थान के फतेहपुर की है, जहां राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर हरसावा गांव के पास हुए कार दुर्घटनाग्रस्त हो गयी।

 

टक्कर इतनी भयावह थी कि कार पूरी तरह पिचक गई और उसमें सवार महिलाओं को संभलने तक का मौका नहीं मिला। मृतकों में सास, उनकी पांच बहुएं और एक बेटी शामिल हैं। हादसे में कार चालक और एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

यह हादसा इतना अचानक और विनाशकारी था कि कुछ ही पलों में खुशहाल परिवार मातम में बदल गया। जानकारी के अनुसार, फतेहपुर सदर थाना क्षेत्र के रघुनाथपुरा गांव निवासी यह परिवार हाल ही में लक्ष्मणगढ़ गया था। परिवार की बुजुर्ग महिला मोहिनी देवी की ननद, लक्ष्मणगढ़ निवासी कैलाश देवी का निधन हो गया था।

 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हरसावा गांव के पास पहुंचते ही कार चालक ने आगे निकलने यानी ओवरटेक करने की कोशिश की। इसी दौरान तेज रफ्तार के कारण कार का संतुलन बिगड़ गया। पहले वह पास से गुजर रही एक पिकअप से टकराई और फिर अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे ट्रक में जा घुसी।

टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग और हाईवे से गुजर रहे अन्य वाहन चालक मौके पर दौड़ पड़े। कार के अंदर महिलाएं बुरी तरह फंसी हुई थीं। काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला गया.

हादसे में सास मोहिनी देवी (80), बहुएं चंदा देवी (55), तुलसी देवी (45), बरखा देवी (35), आशा देवी (60), संतोष देवी (45) और बेटी इंदिरा (60) की मौत हो गई। बरखा देवी ने जयपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ा। हादसे में सोनू (35) और कार चालक वसीम (25) गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

परिजनों ने बताया कि लक्ष्मणगढ़ से रवाना होने से पहले ही चालक को वाहन धीमी गति से चलाने की हिदायत दी गई थी, लेकिन ओवरटेक करने के प्रयास में रफ्तार बढ़ा दी गई, जो जानलेवा साबित हुई।जैसे ही एक साथ सात महिलाओं की खबर रघुनाथपुरा गांव पहुंची, पूरा गांव गम में डूब गया।

घर-घर सन्नाटा पसर गया और रात को किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला। जिन महिलाओं पर परिवार की जिम्मेदारी थी, वही इस हादसे में हमेशा के लिए खो गईं। किसी घर में मां छिन गई, तो कहीं बहू और बेटी।हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस सक्रिय हो गई। फतेहपुर सदर थाना के सीआई सुरेंद्र तम देगड़ा मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

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