नए ड्राफ्ट नियम ने खड़ी की बड़ी चुनौती, प्लास्टिक और फॉयल पैकिंग पर रोक की तैयारी… 30 दिन में मांगे गए सुझाव

अब प्लास्टिक में नहीं मिलेगा पान मसाला… सरकार की सख्ती से बदलेगा पूरा खेल, कंपनियों से लेकर ग्राहकों तक मचेगी हलचल


नई दिल्ली। अब बाजार में मिलने वाले पान मसाला, गुटखा और तंबाकू उत्पादों का रूप पूरी तरह बदल सकता है। Food Safety and Standards Authority of India ने एक ऐसा ड्राफ्ट नियम तैयार किया है, जो इन उत्पादों की पैकेजिंग व्यवस्था को जड़ से बदल देगा।

नए प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, अब पान मसाला और तंबाकू उत्पादों को प्लास्टिक पैकेट या सैशे में बेचना पूरी तरह बंद किया जा सकता है। इसके बजाय कंपनियों को कागज, पेपर बोर्ड या अन्य प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल करना होगा। यानी अब पॉलीथिन, पीवीसी या किसी भी तरह के सिंथेटिक मटेरियल का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित करने की तैयारी है।

इतना ही नहीं, ड्राफ्ट में एल्युमिनियम फॉयल पैकेजिंग पर भी रोक लगाने का प्रस्ताव शामिल है। स्पष्ट किया गया है कि इन उत्पादों की पैकिंग, स्टोरेज और बिक्री किसी भी प्रकार के प्लास्टिक में नहीं की जा सकेगी। यह कदम सीधे तौर पर बढ़ते प्लास्टिक कचरे और उसके पर्यावरण पर पड़ रहे दुष्प्रभाव को रोकने के लिए उठाया जा रहा है।

सरकार ने इस ड्राफ्ट को सार्वजनिक कर दिया है और अगले 30 दिनों के भीतर आम जनता, विशेषज्ञों और संबंधित कंपनियों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। इन प्रतिक्रियाओं के आधार पर ही अंतिम नियम तय किए जाएंगे।

अगर ये नियम लागू होते हैं, तो पान मसाला उद्योग को अपनी पूरी पैकेजिंग प्रणाली बदलनी पड़ेगी। इससे कंपनियों की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर सीधे ग्राहकों की जेब पर भी देखने को मिल सकता है। हालांकि पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला लंबे समय में देश के लिए फायदेमंद साबित होगा और प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा।

अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि सुझावों के बाद सरकार इस ड्राफ्ट को किस रूप में लागू करती है और यह बदलाव जमीन पर कब तक दिखाई देता है।

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