प्रेमी संग नई जिंदगी के लिए मां बनी जल्लाद! आंगनवाड़ी से घर लाई मासूमों को, फिर रस्सी से घोंट दिया गला

6 और 3 साल के बेटों की हत्या कर प्रेमी संग भागी थी महिला, 9 साल बाद अदालत ने सुनाई उम्रकैद

आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों और ममता दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया। जिस मां ने अपने बच्चों को गोद में खिलाया, उसी ने प्रेम संबंध में बाधा बन रहे दो मासूम बेटों को मौत के घाट उतार दिया। अब करीब नौ साल बाद अदालत ने महिला को इस खौफनाक जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई है।

यह दिल दहला देने वाली घटना रामाकुप्पम मंडल के कव्वमपल्ली गांव की है। यहां रहने वाले सी. वेमारेड्डी और उनकी पत्नी सी. पवित्रा के दो बेटे थे। घटना के समय बच्चों की उम्र महज 6 साल और 3 साल थी। लेकिन परिवार के भीतर चल रहा एक छिपा रिश्ता आखिरकार मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि पवित्रा का अपने घर में ट्रैक्टर ड्राइवर के रूप में काम करने वाले वेंमन्ना से प्रेम संबंध था। दोनों के बीच नजदीकियां इतनी बढ़ गई थीं कि महिला अपने पति और बच्चों को छोड़कर प्रेमी के साथ नई जिंदगी बसाना चाहती थी।

परिवार वालों के मुताबिक, एक समय पवित्रा अपने प्रेमी के साथ तिरुमला भाग भी गई थी। बाद में गांव की पंचायत और घरवालों के समझाने पर वह वापस लौटी, लेकिन प्रेम संबंध खत्म नहीं हुआ। वेंमन्ना बेंगलुरु जाकर काम करने लगा, फिर भी दोनों चोरी-छिपे संपर्क में रहे।

जांच में पता चला कि धीरे-धीरे पवित्रा को लगने लगा कि उसके दोनों बच्चे ही उसके रिश्ते की सबसे बड़ी रुकावट हैं। इसके बाद उसने प्रेमी के साथ मिलकर ऐसा खौफनाक प्लान बनाया, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया।

9 सितंबर 2017 को महिला अपने दोनों बेटों को आंगनवाड़ी केंद्र से घर लेकर आई। घर पहुंचने के बाद उसने नायलॉन की रस्सी से दोनों मासूमों का गला घोंट दिया। इतना ही नहीं, हत्या के बाद बच्चों के शवों को पंखे से लटका दिया ताकि मामला आत्महत्या जैसा लगे। बाद में शवों को बिस्तर पर रखकर वह घर में रखे करीब 3 हजार रुपये लेकर प्रेमी के साथ फरार हो गई।

जब पति वेमारेड्डी घर पहुंचा तो कमरे में अपने दोनों बच्चों के शव देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। पूरे गांव में सनसनी फैल गई और पुलिस को सूचना दी गई। शुरुआत में मामला संदिग्ध मौत के रूप में दर्ज हुआ, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो हत्या की पूरी साजिश सामने आ गई।

घटना के चार दिन बाद यानी 13 सितंबर 2017 को पवित्रा और उसका प्रेमी खुद पुलिस स्टेशन पहुंचे और सरेंडर कर दिया। दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने हत्या, साजिश और सहयोग से जुड़े धाराओं में केस दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की।

करीब नौ साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने पवित्रा को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी। वहीं, सबूतों की कमी के कारण सह आरोपी वेंमन्ना को अदालत ने बरी कर दिया।

इस फैसले के बाद गांव में फिर से उस खौफनाक रात की चर्चा शुरू हो गई है, जब दो मासूम बच्चों की जिंदगी उनकी अपनी मां ने छीन ली थी।

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