झारखंड में अब एक मेडिकल स्टोर में मिलेगी एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी दवाईयां, कैबिनेट का बड़ा फैसला, स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर भी बड़े फैसले
In Jharkhand, Allopathic, Ayurvedic, Homeopathic, and Unani medicines will now be available at a single medical store; a major decision by the Cabinet, alongside other significant decisions regarding health and education.

रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में 27 मई 2026 को आयोजित झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पशुपालन और ग्रामीण विकास से संबंधित कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट के इन निर्णयों का असर राज्य के लाखों लोगों पर पड़ेगा।
कैबिनेट ने राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत देते हुए विभिन्न वेतनमानों में महंगाई भत्ता और महंगाई राहत की दरों में वृद्धि को मंजूरी दी। छठे और सातवें केंद्रीय वेतनमान के तहत कार्यरत कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनभोगियों को भी 1 जनवरी 2026 से बढ़ी हुई दरों का लाभ मिलेगा। इस फैसले से राज्य के हजारों कर्मचारियों और रिटायर्ड कर्मियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
बैठक में राज्य में बहु-चिकित्सा प्रणाली आधारित “अबुआ दवाखाना” स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्धा चिकित्सा पद्धति को एकीकृत कर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है।
जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया। तीन चरणों में 1.05 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती प्रमाणीकरण योजना को मंजूरी दी गई। इस योजना पर कुल 370 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी और राज्य में जैविक कृषि को नई पहचान मिलेगी।
महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की दिशा में भी कई निर्णय लिए गए। सरकार ने मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत व्यवसायिक बकरा-बकरी पालन योजना को मंजूरी दी, जिस पर 30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और पशुपालन को बढ़ावा देना है।
कैबिनेट ने वृद्ध, गंभीर रूप से अस्वस्थ और स्थायी रूप से दिव्यांग कलाकारों के लिए मासिक निवृत्तिका योजना को भी मंजूरी दी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों को नियमित सहायता मिल सकेगी।
राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कार्यकाल विस्तार और पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन योजना को जारी रखने की मंजूरी दी गई। इसके अलावा दुमका एयरपोर्ट से उड़ान सेवा शुरू करने के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के साथ समझौते को भी मंजूरी मिली।
कैबिनेट ने लोकायुक्त झारखंड के पद पर सेवानिवृत्त न्यायाधीश अमिताभ कुमार गुप्ता की नियुक्ति को घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की। वहीं, झारखंड हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को मिलने वाले अनुसेवक भत्ते और अन्य सुविधाओं में भी वृद्धि को मंजूरी दी गई।
बैठक में शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े कई प्रस्ताव भी पारित किए गए। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के वेब पोर्टल विकास कार्य के लिए भारत सरकार के उपक्रम CSC e-Governance Services India Limited के चयन को मंजूरी दी गई। साथ ही ITI उन्नयन योजना “PM SETU” के संचालन को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
खनन और राजस्व से जुड़े मामलों में भी कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए। झारखंड सैंड माइनिंग संशोधन नियम 2026 को मंजूरी दी गई। वहीं पेट्रोल, डीजल और मदिरा के खुदरा कारोबारियों को कुछ कर विवरणी दाखिल करने से राहत देने का फैसला लिया गया।









