बंगाल की सत्ता बदलते ही बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! राजस्थान मूल की नीलम मीणा बनीनयी CEO, चुनावी गलियारों में बढ़ी हलचल

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद प्रशासनिक गलियारों में बड़े बदलावों का दौर जारी है। इसी बीच एक बड़ा फैसला लेते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने वरिष्ठ IAS अधिकारी Neelam Meena को राज्य का नया मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नियुक्त कर दिया है। राजस्थान मूल की नीलम मीणा अब Manoj Kumar Agarwal की जगह लेंगी, जिन्हें हाल ही में राज्य का मुख्य सचिव बनाया गया था।
1998 बैच की पश्चिम बंगाल कैडर की IAS अधिकारी नीलम मीणा को प्रशासनिक अनुभव का लंबा सफर हासिल है। करीब 28 वर्षों तक उन्होंने राज्य के कई महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारी संभाली और अपनी कार्यशैली से अलग पहचान बनाई। वर्तमान में वह उपभोक्ता मामले विभाग की प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत थीं।
सूत्रों के मुताबिक, सत्ता परिवर्तन के बाद जब शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने मनोज कुमार अग्रवाल को मुख्य सचिव नियुक्त किया, तभी से मुख्य चुनाव अधिकारी का पद खाली पड़ा था। इसके बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने नए CEO के चयन के लिए तीन वरिष्ठ IAS अधिकारियों का पैनल चुनाव आयोग को भेजा था। इसमें नीलम मीणा, तन्मय चक्रवर्ती और मौमिता गोदारा बसु के नाम शामिल थे। आयोग ने इनमें सबसे वरिष्ठ अधिकारी नीलम मीणा के नाम पर मुहर लगा दी।
भारत निर्वाचन आयोग के प्रधान सचिव Rahul Sharma ने इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि नीलम मीणा तत्काल प्रभाव से कार्यभार संभालें। साथ ही एक सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी गई है।
राजस्थान की रहने वाली नीलम मीणा ने बॉटनी और हिस्ट्री विषयों में शिक्षा हासिल की है। अपने लंबे प्रशासनिक करियर में उन्होंने पश्चिम बंगाल में कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। वह इंस्टिट्यूट ऑफ एनवायर्नमेंटल स्टडीज एंड वेटलैंड मैनेजमेंट की निदेशक भी रह चुकी हैं।
राज्य में लगातार हो रहे प्रशासनिक फेरबदल को आगामी राजनीतिक रणनीतियों और चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसे में नीलम मीणा की नियुक्ति ने बंगाल के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।









