महंगाई का महा-अटैक…पेट्रोल-डीजल के बाद अब CNG ने तोड़ी कमर…सिर्फ 11 दिनों में इतना बड़ा झटका

The Massive Onslaught of Inflation... After Petrol and Diesel, CNG Now Breaks the Back... Such a Massive Blow in Just 11 Days.

नई दिल्ली में लगातार बढ़ती महंगाई ने आम लोगों का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। पेट्रोल और डीजल के बाद अब सीएनजी की कीमतों में भी बड़ा इजाफा हुआ है। मंगलवार 26 मई से दिल्ली में सीएनजी 2 रुपये प्रति किलो महंगी हो गई है। अब राजधानी में सीएनजी 81.09 रुपये की जगह 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से मिलेगी।

लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब सीधे आम जनता, टैक्सी चालकों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों पर दिखाई देने लगा है।

11 दिनों में चौथी बार बढ़े CNG के दाम, लोगों की जेब पर बढ़ा बोझ
सीएनजी की कीमतों में बीते 11 दिनों में लगातार चौथी बार बढ़ोतरी की गई है।
15 मई को 2 रुपये प्रति किलो
18 मई को 1 रुपये प्रति किलो
23 मई को 1 रुपये प्रति किलो
और 26 मई को फिर 2 रुपये प्रति किलो दाम बढ़ाए गए।

इस तरह सिर्फ 11 दिनों में सीएनजी 6 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो चुकी है।

पेट्रोल-डीजल भी लगातार महंगे, दिल्ली में पेट्रोल 102 रुपये के पार
इससे पहले सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। पेट्रोल 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ।

नई कीमतों के बाद दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। इससे पहले राजधानी में पेट्रोल 99.51 रुपये और डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था।

पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं।

दिल्ली ही नहीं, दूसरे शहरों में भी महंगी हुई CNG
ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में सीएनजी की कीमत 88.70 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है।

वहीं मुंबई में भी सीएनजी अब 84 रुपये प्रति किलो के स्तर पर बिक रही है। लगातार बढ़ते दामों से ऑटो, टैक्सी और कमर्शियल वाहनों का संचालन महंगा होता जा रहा है।

होर्मुज संकट और युद्ध ने बढ़ाई टेंशन, क्रूड ऑयल 100 डॉलर के पार
विशेषज्ञों के मुताबिक मध्य-पूर्व में जारी तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लगभग बंद होने जैसी स्थिति ने अंतरराष्ट्रीय तेल सप्लाई पर असर डाला है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए वैश्विक संकट का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ रहा है।

कच्चे तेल की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल देखा गया है। युद्ध से पहले जहां क्रूड ऑयल करीब 70 डॉलर प्रति बैरल था, वहीं अब यह 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है।

आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है मुश्किलें
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में ईंधन कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसका असर ट्रांसपोर्ट, किराए और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

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