क्या खतरे में है आपकी कार? Bharat NCAP ने रिजल्ट रोककर 7 गाड़ियों का कराया दोबारा क्रैश टेस्ट, RTI खुलासे से मचा हड़कंप

पहली रिपोर्ट में क्या मिला था ऐसा कि दोबारा दीवार से टकराईं कारें? अब उठ रहे बड़े सवाल

भारत में कार खरीदने वाले लोग अब सिर्फ माइलेज और फीचर्स नहीं, बल्कि सेफ्टी को भी सबसे बड़ा हथियार मानने लगे हैं। लेकिन इसी बीच एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने लाखों कार मालिकों और खरीदारों की चिंता बढ़ा दी है। RTI से सामने आया है कि Bharat NCAP ने 7 कारों का रिजल्ट जारी करने से पहले उनका दोबारा क्रैश टेस्ट या रीअसेसमेंट कराया था।

इस जानकारी के सामने आते ही सोशल मीडिया पर सवालों की बाढ़ आ गई। लोग पूछने लगे कि आखिर पहली टेस्टिंग में ऐसा क्या हुआ था कि एजेंसी को दोबारा कारें टेस्ट करनी पड़ीं? क्या ये गाड़ियां उम्मीद के मुताबिक सुरक्षित नहीं निकली थीं?

RTI रिपोर्ट के मुताबिक जिन कारों का रीटेस्ट या रीअसेसमेंट किया गया उनमें Maruti Suzuki Dzire, Tata Punch, Tata Curvv, Tata Sierra, Mahindra XUV 3XO, Mahindra XUV400 EV और Mahindra BE 6 शामिल हैं।

रिपोर्ट में बताया गया कि यह प्रक्रिया AIS-197 के क्लॉज 6.2 के तहत की गई। यानी अगर टेस्टिंग के दौरान डेटा अधूरा मिले, कुछ पैरामीटर मिस हो जाएं या रिजल्ट तय सीमा से बाहर जाएं, तो एजेंसी को दोबारा टेस्ट करने का अधिकार होता है।

हालांकि इस खुलासे के बाद कई लोगों को लगा कि शायद ये कारें असुरक्षित हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि मामला इतना सीधा नहीं है। उनके मुताबिक रीटेस्ट का मतलब हमेशा खराब सेफ्टी नहीं होता। कई बार तकनीकी दिक्कत, डेटा वैरिफिकेशन या टेस्टिंग के दौरान आई किसी गड़बड़ी के कारण दोबारा जांच करनी पड़ती है ताकि अंतिम रिपोर्ट पूरी तरह सटीक और भरोसेमंद हो।

बताया गया है कि Bharat NCAP अब तक 35 कारों का परीक्षण कर चुका है और सभी गाड़ियां कंपनियों ने खुद टेस्टिंग के लिए भेजी थीं। सरकार की ओर से अब तक किसी कार को सीधे टेस्ट के लिए नहीं चुना गया है।

इस पूरे मामले के बाद Bharat NCAP की पारदर्शिता को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। लोग अब जानना चाहते हैं कि आखिर पहली टेस्ट रिपोर्ट में क्या कमियां थीं और किन वजहों से दोबारा क्रैश टेस्ट की जरूरत पड़ी। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि दुनिया के दूसरे सेफ्टी प्रोग्राम्स में भी रीअसेसमेंट आम प्रक्रिया है और इसका मकसद ग्राहकों को ज्यादा भरोसेमंद सेफ्टी रेटिंग देना होता है।

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