हजारीबाग जमीन घोटाला : निलंबित IAS विनय चौबे की जमानत पर हाईकोर्ट में बहस पूरी, अदालत ने सुरक्षित रखा फैसला
Hazaribagh Land Scam: Arguments Conclude in High Court on Bail Plea of Suspended IAS Officer Vinay Choubey; Court Reserves Verdict

रांची में निलंबित आईएएस अधिकारी Vinay Chaubey की जमानत याचिका पर गुरुवार को Jharkhand High Court में अहम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब सभी की नजरें कोर्ट के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई हैं।
ACB केस में फंसे विनय चौबे, जमीन खरीद बिक्री में गड़बड़ी का आरोप
यह मामला हजारीबाग में उनके डीसी कार्यकाल के दौरान कथित रूप से सेवायत भूमि की अवैध खरीद बिक्री से जुड़ा है। इस मामले में Anti Corruption Bureau Jharkhand ने कांड संख्या 11/2025 दर्ज किया है। इसी केस में विनय चौबे की जमानत याचिका पर सुनवाई की गई।
73 लोग नामजद, कई प्रभावशाली नाम भी शामिल
इस प्रकरण में कुल 73 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें विनय चौबे के करीबी विनय सिंह, उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह, हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद, तत्कालीन अंचल अधिकारी और ब्रोकर विजय सिंह जैसे नाम शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए यह केस लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
कोर्ट में हुई तीखी बहस, दोनों पक्षों ने रखे अपने तर्क
मामले की सुनवाई न्यायाधीश जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत में हुई। एसीबी की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुमित गड़ोदिया ने जमानत का विरोध करते हुए अपनी दलीलें पेश कीं, जबकि विनय चौबे की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता आर एस मजूमदार ने पक्ष रखा।
अब फैसले पर टिकी निगाहें, आगे की दिशा तय करेगा कोर्ट का निर्णय
करीब 11 महीने से जेल में बंद विनय चौबे के लिए यह सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है। अदालत द्वारा फैसला सुरक्षित रखने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उन्हें जमानत मिलती है या नहीं। इस केस का निर्णय आगे की कानूनी प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकता है।









