रोहतास। बिहार का लाल उड़ीसा में शहीद हो गया। उड़ीसा में मंगलवार की शाम पुलिस नक्सली मुठभेड़ में जो तीन CRPF जवान शहीद हुए थे, उनमें रोहतास का बेटा धर्मेंद्र कुमार सिंह भी था। सीआरपीएफ के जवानों पर नऊपाड़ा में देर शाम नक्सलियों ने हमला कर दिया था। इस हमले में 2 ASI सहित 3 जवान शहीद हो गये थे। इधर घटना के बाद रोहतास के सरैया गांव में मातम पसर गया है। पिता रामायण सिंह और उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।

2011 में धर्मेंद्र सिंह ने CRPF ज्वाइन की थी। उनकी पहली पोस्टिंग 2011 में मोकामा में हुई थी। धर्मेंद्र के घर पर भीड़ उमड़ पड़ी। शहीद की पत्नी से सुबह 9 बजे बात हुई थी। बात में जवान ने बताया था कि वो ड्यूटी पर जा रहा है। सामान्य बातचीत के बाद फोन धर्मेंद सिंह ने रख दिया, शाम में अचानक से टीवी न्यूज में ये खबर आयी कि तीन जवान शहीद नऊपाड़ा में हुए हैं।

घटना के बाद सीआरपीएफ जवान की पत्नी आशा देवी का रो रोकर बुरा हाल है। शहीद की मां घटना के बाद से ही बेसुध पड़ी है। शहीद जवान को एक बेटा और एक बेटी है। धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि कल शाम में टीवी में जब न्यूज आया, तो जानकारी हुई की उनका बेट शहीद हो गया। वो कहते हैं, मेरा बेटा देश के लिए शहीद हो गया, अब मैं क्या करूंगा, मेरा तो दोनों हाथ ही कट गया। मेरी 10 दिन से बात नहीं नहीं हुई थी, मेरा बहुत अच्छा बेटा था, इस दुनिया से वो चला गया।

घटना की सूचना परिवार के लोगों को CRPF के हेडक्वार्टर से देर रात दी गयी। पूरे परिवार का धर्मेंद्र सिंह ही खर्च उठाते थे। शहीद का शव कल तक शहीद के गांव पहुंचने की उम्मीद है।

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