झारखंड- छुट्टी रद्द : भीषण गरमी के बीच बिजली विभाग के कर्मचारियों की छुट्टी रद्द, सब स्टेशनों में अर्थिंग का बोर सूखा, ट्रांसफार्मरों के जलने की चिंता से विभाग परेशान
झारखंड में भीषण गर्मी का असर अब बिजली व्यवस्था पर भी साफ दिखने लगा है। बढ़ती मांग और तकनीकी समस्याओं के कारण कई इलाकों में कटौती शुरू हो गई है, जबकि सब स्टेशनों में ट्रांसफार्मर सुरक्षित रखना चुनौती बन गया है।

Jharkhand News। .. जो लोग समझ रहे हैं गरमी का मुकाबला AC कमरों में बैठकर कर लेंगे, उनकी चिंता बढ़ाने वाली खबर है। भीषण गरमी के बीच अब बिजली विभाग भी खुद को असहाय महसूस कर रहा है। बिजली विभाग इस बात को लेकर चिंतित है कि पावर स्टेशन को शट डाउन होने से कैसे बचायें। दरअसल तापमान में लगातार हो रही वृद्धि के कारण बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है, जबकि दूसरी ओर तकनीकी ढांचे पर दबाव बढ़ने से आपूर्ति व्यवस्था चरमराने लगी है।
इधर, राजधानी रांची के प्रमुख इलाकों में स्थित हरमू पावर सब स्टेशन की स्थिति इस संकट की गंभीरता को दर्शाती है। यहां बीते तीन दिनों से अर्थिंग सिस्टम के लिए बनाए गए बोरिंग फेल हो गए हैं, जिससे अर्थिंग सूखने लगी है। यह स्थिति ट्रांसफार्मर के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है। विभागीय कर्मियों के अनुसार यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो ट्रांसफार्मर ओवरहीट होकर खराब हो सकता है या जल भी सकता है।
फिलहाल स्थिति को संभालने के लिए बाहर से पानी लाकर अर्थिंग को बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।बढ़ती गर्मी के कारण राज्य में बिजली की मांग अपने चरम पर पहुंचने लगी है। राज्य भार प्रेषण केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, डीवीसी कमांड एरिया को छोड़कर झारखंड में करीब 2200 मेगावाट बिजली की मांग दर्ज की गई है।
इसके मुकाबले सेंट्रल पूल और राज्य के उत्पादन स्रोतों से लगभग 1900 से 2000 मेगावाट तक ही आपूर्ति हो पा रही है, जिससे करीब 200 से 300 मेगावाट की कमी बनी हुई है।राजधानी रांची में दिन के समय लगभग 500 मेगावाट और पीक ऑवर में 550 मेगावाट तक बिजली की मांग पहुंच रही है। हालांकि दिन में सोलर और थर्मल पावर की मदद से स्थिति कुछ हद तक नियंत्रित रहती है, लेकिन शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक के पीक ऑवर में निर्बाध बिजली आपूर्ति एक बड़ी चुनौती बन गई है।
स्थिति को देखते हुए कई जिलों में लोडशेडिंग शुरू कर दी गई है। खूंटी और लोहरदगा में पिछले तीन दिनों से नियमित रूप से बिजली कटौती की जा रही है। राज्य स्तर पर करीब 200 मेगावाट की कमी दर्ज की गई थी, जिससे कई इलाकों में आपूर्ति बाधित हुई।बिजली वितरण कंपनी जेबीवीएनएल ने हालात को गंभीरता से लेते हुए अपने सभी फील्ड अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे पीक ऑवर के दौरान अपने-अपने सब स्टेशन क्षेत्रों में मौजूद रहें और किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटें।
रांची प्रक्षेत्र के अधीक्षण अभियंता दीनानाथ साहू ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण सब स्टेशनों की अर्थिंग प्रणाली प्रभावित हो रही है, जिससे ट्रांसफार्मरों में तकनीकी खामियां उत्पन्न हो रही हैं। ट्रांसफार्मर जलने की घटनाएं भी सामने आने लगी हैं, हालांकि विभाग इन शिकायतों का त्वरित समाधान करने का प्रयास कर रहा है।









