झारखंड में लाखों रैयतों को बड़ी राहत: जमीन और फ्लैट म्यूटेशन की ऑनलाइन प्रक्रिया फिर शुरू

Major Relief for Lakhs of Landowners in Jharkhand: Online Process for Land and Flat Mutation Resumes

रांची से बड़ी राहत देने वाली खबर सामने आई है। झारखंड में जमीन और फ्लैट के दाखिल-खारिज यानी म्यूटेशन की ऑनलाइन प्रक्रिया को फिर से शुरू कर दिया गया है। राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने तकनीकी खामियों को दूर कर यह व्यवस्था दोबारा सुचारु कर दी है, जिससे लाखों रैयतों को सीधा फायदा मिलेगा।

पिछले लगभग पांच महीनों से ऑनलाइन आवेदन में लगातार तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं, जिसके कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब सॉफ्टवेयर अपडेट पूरा होने के बाद आवेदन प्रक्रिया सामान्य रूप से शुरू हो गई है।

कॉमन सर्विस सेंटर और प्रज्ञा केंद्रों से भी फिर खुला रास्ता

नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब कॉमन सर्विस सेंटर और प्रज्ञा केंद्रों से भी म्यूटेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जा रहे हैं। इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिली है, जो लंबे समय से आवेदन नहीं कर पा रहे थे।

पहले आवेदन प्रक्रिया में तीसरे चरण के दौरान डीड नंबर और अन्य विवरण भरते ही सिस्टम में तकनीकी त्रुटि आ जाती थी और आवेदन पूरा नहीं हो पाता था। इस वजह से लोग बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर थे।

रैयतों की मुश्किलें खत्म, कामकाज फिर हुआ आसान

ऑनलाइन व्यवस्था ठप होने से आम लोगों को जमीन से जुड़े कई कामों में बाधा आ रही थी। न तो संपत्ति का म्यूटेशन हो पा रहा था, न खरीद बिक्री की प्रक्रिया आगे बढ़ रही थी और न ही बैंक से लोन मिल पा रहा था।

अब प्रक्रिया शुरू होने के बाद लोगों को फिर से डिजिटल सुविधा का लाभ मिलने लगा है और दफ्तरों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।

एक ही दिन में 2686 नए आवेदन, कार्यालयों में बढ़ी हलचल

नई व्यवस्था शुरू होते ही आवेदन प्रक्रिया में तेजी देखने को मिली है। सामान्य दिनों में जहां केवल 500 से 600 आवेदन आते थे, वहीं ऑनलाइन सुविधा बहाल होने के बाद एक ही दिन में 2686 आवेदन अंचल कार्यालयों में पहुंच गए।

इससे यह साफ है कि लोगों में लंबे समय से रुके कामों को लेकर बड़ी मांग और दबाव था।

पेंडिंग मामले बढ़कर 49 हजार पहुंचे, विभाग पर बढ़ा काम का दबाव

म्यूटेशन से जुड़े लंबित मामलों की संख्या भी अब बढ़कर करीब 49 हजार तक पहुंच गई है। पहले यह आंकड़ा लगभग 45 हजार था, लेकिन आवेदन बंद रहने के कारण बैकलॉग तेजी से बढ़ गया।

अब विभाग का फोकस इन मामलों को तेजी से निपटाने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर है, ताकि भविष्य में ऐसी तकनीकी समस्याएं दोबारा न आएं।

सरकार का दावा, अब पारदर्शी और आसान होगी प्रक्रिया

राजस्व विभाग का कहना है कि नई अपडेटेड प्रणाली से म्यूटेशन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल हो गई है। अब रैयत अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

सरकार का लक्ष्य है कि जमीन से जुड़े कामों में डिजिटल प्रक्रिया को मजबूत कर लोगों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं और अनावश्यक दिक्कतों को पूरी तरह खत्म किया जाए।

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