समंदर से निकला तैरता सोना बना जाल: 1 किलो एम्बरग्रीस के साथ तीन युवक गिरफ्तार, करोड़ों के खेल का चौंकाने वाला खुलासा
जिस चीज को लोग खजाना समझ बैठे, वही बन गई गिरफ्तारी की वजह; सूरत में गुप्त सौदे से पहले पुलिस ने दबोचा बड़ा खेल

Surat में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ‘तैरते सोने’ के नाम से मशहूर एम्बरग्रीस के काले कारोबार की परतें खोल दी हैं। डिंडोली इलाके में पुलिस ने छापेमारी कर तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 1.071 किलोग्राम एम्बरग्रीस बरामद किया गया है। इसकी कीमत करीब 1.07 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के जौनपुर निवासी अंबरीश मिश्रा, सोनू उर्फ बबलू उपाध्याय और संदीप उपाध्याय के रूप में हुई है। तीनों फिलहाल सूरत में रह रहे थे और कथित तौर पर इस दुर्लभ पदार्थ को बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे थे। लेकिन इससे पहले कि सौदा हो पाता, पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
पुलिस के मुताबिक, यह एम्बरग्रीस एक सफेद और लाल रंग के प्लास्टिक बैग में छिपाकर रखा गया था। जांच में सामने आया कि यह पदार्थ उन्हें करीब तीन महीने पहले Bharuch coast के पास दो स्थानीय लोगों ने दिया था। पिछले एक हफ्ते से आरोपी इसे बेचने की फिराक में घूम रहे थे।
डिप्टी पुलिस कमिश्नर राजदीप सिंह नकुम के अनुसार, तीनों आरोपियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। अंबरीश मिश्रा डिलीवरी का काम करता है, जबकि बाकी दोनों रिक्शा चालक हैं। शुरुआती पूछताछ में यह भी सामने आया कि उन्होंने सूरत को बड़ा आर्थिक केंद्र मानकर यहां ग्राहक मिलने की उम्मीद की थी।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर एम्बरग्रीस है क्या, जिसके लिए लोग करोड़ों का जोखिम उठाते हैं?
दरअसल, एम्बरग्रीस एक दुर्लभ मोम जैसा पदार्थ होता है, जो Sperm Whale की आंतों में बनता है। शुरुआत में इसमें तेज बदबू होती है, लेकिन समय के साथ यह खुशबूदार हो जाता है। यही वजह है कि इसे परफ्यूम उद्योग में सुगंध को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसकी ऊंची कीमत के कारण ही इसे ‘तैरता हुआ सोना’ कहा जाता है।
हालांकि भारत में इसका व्यापार पूरी तरह अवैध है और Wildlife Protection Act 1972 के तहत यह दंडनीय अपराध है। कोई भी अधिकृत कंपनी इसे खुले बाजार से नहीं खरीदती, बल्कि केवल सरकारी मान्यता प्राप्त स्रोतों से ही इसका उपयोग किया जाता है।
फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को आगे की जांच के लिए वन विभाग को सौंप दिया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को समुद्र किनारे इस तरह का कोई पदार्थ मिले, तो उसे खुद रखने या बेचने की बजाय तुरंत पुलिस या वन विभाग को सूचित करें।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि जल्दी अमीर बनने की चाहत कैसे लोगों को ऐसे रास्ते पर ले जाती है, जहां से वापसी आसान नहीं होती।









