थाईलैंड जाने वालों को बड़ा झटका! भारतीयों की Visa-Free Entry खत्म, अब एयरपोर्ट पर बदल जाएंगे नियम

अचानक बदले नियमों से यात्रियों में हड़कंप, अब बिना वीजा नहीं मिलेगी एंट्री… थाई सरकार ने बताई बड़ी वजह

नई दिल्ली। थाईलैंड घूमने का सपना देख रहे भारतीयों को बड़ा झटका लगा है। थाई सरकार ने भारतीय नागरिकों के लिए Visa-Free Entry सुविधा खत्म करने का फैसला लिया है। यानी अब भारतीय पर्यटक पहले की तरह बिना वीजा सीधे थाईलैंड में एंट्री नहीं कर सकेंगे।

थाईलैंड ने यह बड़ा फैसला 19 मई को हुई कैबिनेट बैठक में लिया। कोरोना काल के बाद पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारत समेत कई देशों को वीजा-फ्री एंट्री की सुविधा दी गई थी, लेकिन अब नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत भारत को Visa-Free सूची से हटाकर “Visa on Arrival” यानी VoA श्रेणी में डाल दिया गया है।

थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने बताया कि देश की वीजा छूट व्यवस्था में संशोधन को मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत पहले 93 देशों को मिलने वाली 60 दिनों की वीजा-फ्री सुविधा खत्म की जा रही है। साथ ही Visa on Arrival की सूची को भी सीमित कर दिया गया है।

अब भारत उन केवल चार देशों में शामिल है जिन्हें संशोधित VoA श्रेणी में रखा गया है। भारत के अलावा अज़रबैजान, बेलारूस और सर्बिया भी इस सूची में शामिल हैं।

हालांकि थाई सरकार ने यह भी साफ किया है कि जो भारतीय यात्री पहले से थाईलैंड में मौजूद हैं या नए नियम लागू होने से पहले यात्रा कर चुके हैं, वे अपनी तय अवधि तक वहां रह सकेंगे।

जानकारी के मुताबिक, ये नए नियम Royal Gazette में प्रकाशित होने के 15 दिन बाद लागू होंगे। इसके बाद भारतीय यात्रियों को थाईलैंड पहुंचने पर Visa on Arrival प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

थाईलैंड ने अब अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, जापान, सिंगापुर और कई यूरोपीय देशों समेत 54 देशों के नागरिकों को 30 दिनों की वीजा छूट देने का फैसला किया है। वहीं मालदीव, मॉरीशस और सेशेल्स जैसे देशों को अलग 15 दिन की छूट दी गई है।

थाई अधिकारियों के मुताबिक, इस फैसले के पीछे विदेशी नागरिकों से जुड़ी बढ़ती अवैध गतिविधियां बड़ी वजह हैं। पर्यटन मंत्री सुरासाक फंचारोएनवोराकुल ने बताया कि हाल के दिनों में कई विदेशी नागरिक ड्रग्स, सेक्स ट्रैफिकिंग और बिना अनुमति होटल व स्कूल चलाने जैसे मामलों में पकड़े गए थे। इसके बाद सरकार ने वीजा नियम सख्त करने का फैसला लिया।

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