आसमान से बरसती आग या धरती का कहर? 48°C तक पहुंचा पारा, दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में 97 भारत में

लू और भीषण गर्मी ने तोड़ा रिकॉर्ड, अस्पतालों में लंबी कतारें, पानी की किल्लत और तपती धरती ने बढ़ाई चिंता

इस समय पूरा India भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि कई शहरों में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश के बांदा, बिहार के सासाराम और ओडिशा के बालनगीर जैसे इलाकों में पारा 48°C को पार कर चुका है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

जानकारी के मुताबिक, स्थिति इतनी भयावह है कि दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों की सूची में 97 शहर केवल भारत से हैं। दोपहर के समय जारी रिपोर्ट में उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के अधिकांश शहर भीषण लू की गिरफ्त में दिखाई दिए।

Bolangir 48°C तापमान के साथ सबसे गर्म स्थानों में शामिल रहा, जबकि Sasaram भी 48°C तापमान के साथ दूसरे स्थान पर दर्ज किया गया। वहीं Varanasi में तापमान 47°C तक पहुंच गया, जिससे वहां भी हालात बेहद खराब बने हुए हैं।

सूची में कई अन्य शहर भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और अयोध्या, पंजाब का पटियाला, तेलंगाना का वारंगल और उत्तराखंड का हरिद्वार जैसे शहरों में तापमान 46°C के आसपास दर्ज किया गया है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड और अन्य राज्यों के कई शहर भी लगातार 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच झुलस रहे हैं।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है क्योंकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 22 मई से 27 मई के बीच उत्तर भारत के बड़े हिस्सों में ‘भीषण लू’ का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तापमान सामान्य से कई डिग्री अधिक रहने की संभावना जताई गई है।

भीषण गर्मी का असर अब सीधे लोगों की सेहत पर भी दिखने लगा है। कई जगहों पर अस्पतालों में डिहाइड्रेशन और लू से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। वहीं कुछ क्षेत्रों में पानी की कमी की भी गंभीर समस्या सामने आ रही है, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण बन गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि लू की स्थिति तब घोषित होती है जब तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री अधिक हो या मैदानी क्षेत्रों में 40°C से ऊपर पहुंच जाए। इस समय कई शहर इस सीमा से काफी ऊपर चल रहे हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है।

फिलहाल पूरे देश में गर्मी का यह प्रकोप लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है और आने वाले दिनों में राहत के संकेत फिलहाल कमजोर ही नजर आ रहे हैं।

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