मणिपुर में बच्चों की मौत के बाद भड़का गुस्सा! सड़कों पर उतरी भीड़, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

बम धमाके के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग तेज, मशाल जुलूस के बीच हिंसक झड़प; हालात फिर तनावपूर्ण


मणिपुर में दो बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। गुस्साए लोगों का आक्रोश अब सड़कों पर खुलकर सामने आ चुका है, जिससे राज्य में एक बार फिर तनाव का माहौल गहरा गया है।

Manipur के बिष्णुपुर जिले में हुए बम धमाके के विरोध में गुरुवार शाम हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के प्रतिबंधात्मक आदेशों को नजरअंदाज करते हुए इम्फाल वेस्ट जिले में मशाल जुलूस निकाला, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई।

यह प्रदर्शन सिंगजामेई इलाके से शुरू हुआ, जहां से लोग मशालें लेकर करीब 2 किलोमीटर तक मार्च करते हुए चिंगमाथक इलाके तक पहुंचे। यह इलाका मुख्यमंत्री आवास और पुलिस मुख्यालय के बेहद करीब है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई।

रास्ते में प्रदर्शनकारियों ने सादे कपड़ों में सुरक्षाकर्मियों को ले जा रही तीन गाड़ियों को भी रोक लिया। जैसे ही भीड़ आगे बढ़ने लगी, मौके पर तैनात सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते झड़प में बदल गई।

स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। जवाब में कुछ प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे माहौल और ज्यादा हिंसक हो गया।

इस झड़प में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कम से कम पांच लोगों को सांस लेने में तकलीफ और हल्की चोटों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि 7 अप्रैल को हुए बम विस्फोट के जिम्मेदार आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें सख्त सजा दी जाए। स्थानीय महिलाओं ने भी धरना देकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और राज्य में शांति बहाल करने की मांग उठाई है।

अधिकारियों का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व इस स्थिति का फायदा उठाकर माहौल को और बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि राज्य में पहले से ही शाम 5 बजे से सुबह 5 बजे तक आवाजाही पर पाबंदी लागू है, बावजूद इसके इतनी बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए।

अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस बढ़ते आक्रोश को संभाल पाएगा, या फिर मणिपुर एक बार फिर बड़े अशांति के दौर में प्रवेश करने जा रहा है।

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