TIME 100 समिट में नीता अंबानी ने रखा विजन, सॉफ्ट पावर को बताया भविष्य की असली ताकत
न्यूयॉर्क के मंच से गूंजा भारत का संदेश, ताकत नहीं असर से बदलेगी दुनिया, क्या है इसके पीछे का बड़ा संकेत

नई दिल्ली। वैश्विक मंच पर एक ऐसा संदेश सामने आया है, जो बदलती दुनिया की दिशा की ओर इशारा करता है। न्यूयॉर्क में आयोजित TIME 100 Summit के दौरान रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन Nita Ambani ने भारत का विजन पेश करते हुए कहा कि दुनिया को अब हार्ड पावर नहीं, बल्कि सॉफ्ट पावर की जरूरत है।
TIME Magazine की सीईओ Jessica Sibley के साथ लीडरशिप लेंस चर्चा में नीता अंबानी ने साफ किया कि आज के समय में सैन्य या आर्थिक दबाव से ज्यादा प्रभाव सांस्कृतिक और मानवीय मूल्यों का है, और भारत इस दिशा में एक मजबूत उदाहरण बनकर उभर रहा है।
बातचीत के दौरान उन्होंने विजन, विरासत और नेतृत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि नेतृत्व केवल अधिकार से नहीं, बल्कि करुणा, समझ और सहज ज्ञान के साथ किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, आज की दुनिया में वही नेतृत्व सफल होगा जो मानव-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाएगा।
नीता अंबानी ने यह भी कहा कि भारत की सॉफ्ट पावर—जिसमें संस्कृति, परंपरा, कला और मानवीय मूल्य शामिल हैं—अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रही है। जब उनसे वैश्विक फैशन की राजधानी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने गर्व के साथ भारत का नाम लिया।
उनका यह संबोधन इस बात का संकेत माना जा रहा है कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत अपनी सांस्कृतिक ताकत के दम पर नई पहचान बना रहा है। यह केवल एक बयान नहीं, बल्कि एक ऐसा विजन है जो आने वाले समय में दुनिया की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।









