जनसभाओं में गरजे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री, बोले—इस बार NDA की सरकार तय, परिवारवाद और भ्रष्टाचार पर होगा बड़ा फैसला

“तमिलनाडु की सत्ता पर बड़ा उलटफेर?”… चुनावी रण में CM मोहन यादव का ऐलान, DMK-कांग्रेस पर तीखा वार

तमिलनाडु। चुनावी माहौल के बीच Tamil Nadu में सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। हर तरफ रैलियों, जनसभाओं और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने राज्य में पहुंचकर राजनीतिक सरगर्मी को और तेज कर दिया है।

सीएम यादव ने बीजेपी और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam के समर्थन में नमक्कल जिले की रासीपुरम और तिरुपुर जिले की अविनाशी विधानसभा सीटों पर जनसभाओं को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने दावा किया कि इस बार जनता का मूड साफ है और राज्य में National Democratic Alliance की सरकार बनने जा रही है।

उन्होंने Dravida Munnetra Kazhagam और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इन दलों ने हमेशा परिवारवाद को बढ़ावा दिया और जनता के अधिकारों की अनदेखी की। सीएम यादव ने आरोप लगाया कि महिलाओं को सशक्त बनाने वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने में भी इन पार्टियों ने बाधा डाली, ताकि कोई नई J. Jayalalithaa जैसी मजबूत महिला नेता उभरकर सामने न आ सके।

अपने भाषण में उन्होंने सत्तारूढ़ Dravida Munnetra Kazhagam सरकार को “लुटेरी और बेईमानों की सरकार” करार दिया और कहा कि राज्य की जनता अब इसका जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने मुख्यमंत्री M. K. Stalin पर भी भ्रष्टाचार और अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप लगाए।

सीएम यादव ने कहा कि कांग्रेस और DMK दोनों ही पार्टियां गरीबों का हक छीनकर सत्ता में बने रहना चाहती हैं, लेकिन अब वक्त बदल रहा है और जनता परिवारवाद से मुक्ति चाहती है।

प्रधानमंत्री Narendra Modi का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी के दिल में तमिलनाडु बसता है। उनके प्रयासों से आज डॉक्टर और इंजीनियरिंग की पढ़ाई तमिल भाषा में संभव हो पाई है और युवा अपनी मातृभाषा में उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नई संसद में तमिलनाडु के ‘सेंगोल’ की स्थापना राज्य के गौरव को बढ़ाने वाला कदम है।

अविनाशी सीट से प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री L. Murugan के समर्थन में रोड शो करते हुए सीएम यादव ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास और सुशासन का माहौल बना है, जिसकी झलक अब तमिलनाडु में भी दिखाई दे रही है।

चुनावी माहौल के बीच दिए गए इन बयानों ने राज्य की राजनीति को और गरमा दिया है। अब देखना होगा कि जनता किसके दावों पर भरोसा जताती है और सत्ता की चाबी किसके हाथ में जाती है।

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