अब स्कैमर्स की खैर नहीं! WhatsApp-Facebook पर आया स्मार्ट अलर्ट सिस्टम, ठगी से पहले ही मिल जाएगी चेतावनी
Meta ने लॉन्च किए नए सिक्योरिटी टूल—संदिग्ध मैसेज, डिवाइस लिंकिंग और फर्जी फ्रेंड रिक्वेस्ट पर तुरंत मिलेगा अलर्ट

अब स्कैमर्स की खैर नहीं! WhatsApp-Facebook पर आया स्मार्ट अलर्ट सिस्टम, ठगी से पहले ही मिल जाएगी चेतावनी
नई दिल्ली। ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच टेक कंपनी Meta Platforms ने अपने लोकप्रिय प्लेटफॉर्म्स WhatsApp और Facebook पर यूजर्स की सुरक्षा के लिए नए स्मार्ट अलर्ट सिस्टम की शुरुआत की है।
इन नए टूल्स का मकसद यूजर्स को संदिग्ध गतिविधियों के बारे में पहले ही चेतावनी देना है, ताकि वे किसी भी ऑनलाइन स्कैम या ठगी का शिकार होने से बच सकें।
WhatsApp पर स्कैम से बचाने के लिए नया अलर्ट
WhatsApp का इस्तेमाल दुनियाभर में करोड़ों लोग करते हैं और इसी वजह से यह साइबर अपराधियों के निशाने पर भी रहता है। कई बार ठग नकली लिंक, ऑफर या जरूरी जानकारी के नाम पर मैसेज भेजकर लोगों को जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं।
अब कंपनी ने ऐसा सिस्टम तैयार किया है जो संदिग्ध गतिविधियों को पहचानकर यूजर को तुरंत चेतावनी देगा। इससे यूजर समय रहते सतर्क हो सकेगा।
संदिग्ध डिवाइस लिंकिंग पर तुरंत मिलेगा नोटिफिकेशन
WhatsApp अकाउंट हैक करने का एक आम तरीका यह है कि कोई अनजान व्यक्ति आपके अकाउंट को किसी दूसरे डिवाइस से लिंक करने की कोशिश करता है।
नए सिस्टम में अगर ऐसा होता है तो तुरंत स्क्रीन पर अलर्ट दिखाई देगा। यूजर से पूछा जाएगा कि वह उस डिवाइस को कनेक्ट होने देना चाहता है या नहीं। इससे यूजर खुद तय कर सकेगा कि उसे अनुमति देनी है या नहीं।
संदिग्ध मैसेज की पहचान करेगा सिस्टम
कई ऑनलाइन स्कैम अनजान नंबरों से आने वाले मैसेज से शुरू होते हैं, जिनमें अक्सर नकली लिंक, इनाम या बैंक से जुड़ी जानकारी मांगी जाती है।
अब WhatsApp का नया सिक्योरिटी सिस्टम ऐसे मैसेज के पैटर्न को पहचानने की कोशिश करेगा। अगर कोई मैसेज संदिग्ध लगेगा तो ऐप यूजर को चेतावनी देकर बताएगा कि यह संभावित स्कैम हो सकता है।
Facebook पर भी मिलेगा स्कैम अलर्ट
सिर्फ WhatsApp ही नहीं, बल्कि Facebook पर भी सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है। अगर किसी यूजर को किसी संदिग्ध अकाउंट से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिलती है तो प्लेटफॉर्म अलर्ट दिखा सकता है।
यह सिस्टम यह भी जांचेगा कि रिक्वेस्ट भेजने वाले के कितने म्यूचुअल फ्रेंड हैं, उसका अकाउंट कितना पुराना है और उसकी लोकेशन क्या है। इन संकेतों के आधार पर यूजर को सावधान रहने की सलाह दी जाएगी।
प्राइवेसी और सुरक्षा के बीच संतुलन
WhatsApp में मौजूद End-to-End Encryption यूजर्स की प्राइवेसी को सुरक्षित रखता है। हालांकि इसी वजह से कई बार स्कैम को पहचानना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए Meta ने ऐसे नए सुरक्षा टूल विकसित किए हैं जो यूजर की प्राइवेसी बनाए रखते हुए संभावित धोखाधड़ी के संकेतों को पहचानने की कोशिश करेंगे।








