जंगल में पत्ते तोड़ रही थीं महिलाएं, तभी झाड़ियों से निकला ‘मौत का शिकारी’! चंद मिनटों में 4 महिलाओं को नोच डाला, गांव में दहशत

तेंदूपत्ता संग्रह करने गई थीं महिलाएं, किसी को अंदाजा नहीं था कि जंगल में घात लगाकर बैठा है खूंखार बाघ

 

Maharashtra के Chandrapur जिले से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। सिंदेवाही तालुका के गुंजेवाही जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गई चार महिलाओं पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया। इस खौफनाक हमले में चारों महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और मातम का माहौल है।

जानकारी के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्र की ये महिलाएं रोज की तरह सुबह जंगल में तेंदूपत्ता संग्रह करने पहुंची थीं। जंगल के भीतर काम करते वक्त उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि झाड़ियों के पीछे मौत घात लगाए बैठी है। अचानक बाघ ने हमला कर दिया और देखते ही देखते चारों महिलाओं को अपना शिकार बना लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमला इतना भयावह था कि महिलाओं को संभलने या भागने तक का मौका नहीं मिला। जंगल में अचानक चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह जान बचाकर गांव पहुंचकर घटना की जानकारी दी, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी फैल गई।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शवों को कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी है। वन विभाग ने इलाके में हाई अलर्ट जारी करते हुए ग्रामीणों को फिलहाल जंगल में न जाने की चेतावनी दी है।

चंद्रपुर जिला पहले से ही बाघों की मौजूदगी के लिए जाना जाता है, लेकिन एक साथ चार महिलाओं की मौत ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से इलाके में बाघ की गतिविधियां बढ़ रही थीं, लेकिन समय रहते सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।

गुंजेवाही और आसपास के गांवों में इस घटना के बाद भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि आदमखोर बन चुके इस बाघ को जल्द पकड़कर इलाके को सुरक्षित किया जाए, ताकि फिर किसी परिवार का चिराग इस तरह जंगल में न बुझ जाए।

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