खामोश साजिश का भंडाफोड़! लाल किला-इंडिया गेट थे निशाने पर… 4 कट्टरपंथी गिरफ्तार, खौफनाक प्लान उजागर
स्पेशल सेल की बड़ी कार्रवाई—रेकी, IED और भर्ती नेटवर्क का खुलासा, एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म से फैल रहा था जाल

नई दिल्ली। राजधानी में एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 18 अप्रैल 2026 को एक संयुक्त खुफिया ऑपरेशन में चार संदिग्ध कट्टरपंथियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में जो खुलासे सामने आए हैं, उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया है।
‘खतरनाक प्लान’ का खुलासा, निशाने पर थे संवेदनशील स्थल
जांचकर्ताओं के मुताबिक, इन आरोपियों का संबंध एक ऐसे नेटवर्क से था जो देश में चरमपंथी विचारधारा फैलाने की कोशिश कर रहा था। यह मॉड्यूल कथित तौर पर “गजवा-ए-हिंद” जैसी सोच से प्रेरित था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक आरोपी ने दिसंबर 2025 में लाल किला और इंडिया गेट जैसे बेहद संवेदनशील स्थानों की रेकी भी की थी। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि उनकी योजना कितनी गंभीर और खतरनाक थी।
IED, भर्ती और डिजिटल जाल—तीन स्तर पर चल रहा था खेल
जांच में सामने आया है कि इस मॉड्यूल के कुछ सदस्य IED बनाने के लिए सामग्री जुटा रहे थे, जबकि अन्य लोग नए युवाओं की भर्ती और प्रशिक्षण की योजना पर काम कर रहे थे।
यह नेटवर्क एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित हो रहा था, जहां गुप्त ग्रुप्स में विचारधारा फैलाने, फंड जुटाने और साजिश रचने का काम किया जा रहा था।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ठाणे का मूसा अहमद उर्फ सोनू उर्फ कलाम, मुंबई का मोहम्मद हम्माद, भुवनेश्वर का शेख इमरान और बिहार के कटिहार का मोहम्मद सोहेल शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से मोबाइल फोन और कई डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं, जिनकी जांच जारी है।
क्राउड फंडिंग और ऑनलाइन ब्रेनवॉशिंग का खुलासा
आरोपियों पर यह भी आरोप है कि वे QR कोड और बैंक खातों के जरिए फंड जुटाने की कोशिश कर रहे थे। साथ ही, ऑनलाइन सामग्री और कुछ कट्टरपंथी भाषणों से प्रभावित होकर वे दूसरों को भी उसी राह पर ले जाने का प्रयास कर रहे थे।
शुरुआती चरण में था नेटवर्क, लेकिन खतरा बड़ा
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मॉड्यूल अभी शुरुआती स्तर पर था, लेकिन इसके विस्तार के संकेत मिल चुके थे। यही वजह है कि समय रहते कार्रवाई कर इस साजिश को नाकाम कर दिया गया।








