फिर लौट रहे हैं 500-1000 के ‘बंद नोट’? वायरल दावे ने मचाई हलचल… सच्चाई जानकर रह जाएंगे हैरान
सोशल मीडिया पर फैल रही खबर ने बढ़ाया भ्रम, सरकारी फैक्ट-चेक ने खोला पूरा सच

नई दिल्ली। 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों को लेकर एक बार फिर देशभर में हलचल मच गई है। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही खबरों में दावा किया जा रहा है कि बंद हो चुके इन नोटों को फिर से बदलने के लिए नए नियम लागू कर दिए गए हैं। इस दावे ने लोगों के बीच उत्सुकता के साथ-साथ भ्रम भी पैदा कर दिया है।
2016 का फैसला जिसने बदल दी थी तस्वीर
8 नवंबर 2016 को भारत सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 500 और 1000 रुपए के नोटों को बंद कर दिया था। इस कदम का उद्देश्य काले धन, नकली नोटों और भ्रष्टाचार पर रोक लगाना था। उस समय देशभर में लंबी कतारें और भारी अफरा-तफरी देखने को मिली थी।
वायरल दावे की सच्चाई क्या है?
इन दिनों वायरल हो रहे संदेशों में दावा किया जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने पुराने नोटों को फिर से बदलने के लिए नए नियम जारी किए हैं।
लेकिन प्रेस सूचना ब्यूरो की फैक्ट-चेक टीम ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी बताया है। PIB के अनुसार, RBI ने ऐसा कोई नया निर्देश जारी नहीं किया है और पुराने 500 व 1000 रुपए के नोट अब भी बदलने योग्य नहीं हैं।
Has RBI really announced 'new rules' for exchanging old ₹500 & ₹1000 notes❓
Some news reports claim that the Reserve Bank of India (@RBI) has issued new guidelines to exchange discontinued currency notes.#PIBFactCheck
❌ This claim is FAKE!
❌RBI has made NO such… pic.twitter.com/8ph2mlCrLT
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) April 17, 2026
फर्जी खबरों से रहें सतर्क
PIB ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी वायरल मैसेज पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। वित्तीय मामलों से जुड़ी सही जानकारी के लिए केवल RBI की आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करें।
अगर कोई जानकारी संदिग्ध लगती है, तो उसे PIB फैक्ट-चेक टीम को व्हाट्सऐप (+91 8799711259) या ईमेल के जरिए भेजकर सत्यापित किया जा सकता है।
2000 रुपए के नोट पर क्या है स्थिति?
मई 2023 में भारतीय रिजर्व बैंक ने 2000 रुपए के नोटों को धीरे-धीरे चलन से हटाने का फैसला लिया था। हालांकि, इन्हें 2016 की तरह पूरी तरह अमान्य नहीं किया गया, बल्कि लोगों को इन्हें बैंक में जमा या बदलने का विकल्प दिया गया था।








