झारखंड: प्रेमी करने लगा बेवफाई, प्रेमिका पहुंच गयी थाने, फिर पुलिस के पहरे में प्रेमी जोड़ी ने लिये सात फेरे, जानिये कैसे अधूरी प्रेम कहानी हुई पूरी…

Jharkhand: When the boyfriend turned unfaithful, his girlfriend marched straight to the police station; subsequently, under police protection, the couple tied the knot. Find out how this unfinished love story finally found its happy ending...

गढ़वा। झारखंड में एक अधूरी प्रेम कहानी, पुलिस के पहरे में पूरी हुई। मामला गढ़वा जिले का है, जहां, मोहब्बत की एक कहानी, शादी के फेरे के साथ पूरी हुई। खुशकिस्मति की बात ये है कि पुलिस की पहल से इस प्रेम कहानी को सुखद अंजाम मिला। खरौंधी थाना क्षेत्र के हुसरू गांव में लंबे समय से प्रेम संबंध में रहे एक युवक-युवती का विवाह पुलिस की मध्यस्थता से संपन्न कराया गया। इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हुसरू गांव की 19 वर्षीय अनिता कुमारी और सुंडी पासवान गांव निवासी सत्येंद्र उरांव (पिता- ईश्वर दयाल उरांव) के बीच पिछले कई वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का वादा कर चुके थे, लेकिन हाल ही में स्थिति तब बिगड़ गई जब युवक ने अचानक विवाह करने से इनकार कर दिया। इस फैसले से आहत अनिता ने न्याय की उम्मीद में पुलिस का सहारा लिया।

 

अनिता अपनी दादी पान कुंवर देवी के साथ खरौंधी थाना पहुंची और मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। उसने पुलिस को बताया कि सत्येंद्र से उसका लंबे समय से संबंध है और अब उसका विवाह से पीछे हटना उसके साथ अन्याय है। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए थाना प्रभारी गुलशन कुमार गौतम ने तत्काल हस्तक्षेप किया।

 

थाना प्रभारी ने बिना देर किए सत्येंद्र उरांव और उसके परिवार के सदस्यों को थाने बुलाया। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। इस दौरान पुलिस ने समझदारी और संतुलन के साथ दोनों परिवारों को रिश्ते की अहमियत समझाई और आपसी सहमति बनाने का प्रयास किया। अंततः पुलिस की समझाइश रंग लाई और दोनों परिवार विवाह के लिए तैयार हो गए।

 

सहमति बनने के बाद उसी दिन विवाह कराने का निर्णय लिया गया। थाना प्रशासन की मौजूदगी में खरौंधी स्थित प्रसिद्ध शीतला देवी मंदिर में विवाह समारोह आयोजित किया गया। मंदिर परिसर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अनिता और सत्येंद्र ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और सात फेरे लेकर वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की।

 

इस मौके पर दोनों परिवारों के सदस्य, मंदिर समिति के लोग और स्थानीय ग्रामीण भी उपस्थित रहे। सभी ने नवदंपति को आशीर्वाद दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस पूरी प्रक्रिया में पुलिस की भूमिका एक संरक्षक और मध्यस्थ के रूप में सामने आई, जिसने न केवल एक विवाद को सुलझाया बल्कि दो परिवारों को भी जोड़ने का काम किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

close