तेहरान में धुएं के गुबार… इजरायल का बड़ा हमला! पहली बार ईरान के तेल डिपो बने निशाना, नेतन्याहू बोले– ‘ईरानियों की आजादी अब दूर नहीं’

युद्ध के 9वें दिन इजरायल की बड़ी कार्रवाई, ईरान के कई तेल डिपो और टैंकर तबाह; जवाब में खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा ईरान।

तेहरान/अंतरराष्ट्रीय डेस्क।
मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का आज 9वां दिन है। इसी बीच इजरायल ने पहली बार ईरान के तेल डिपो और टैंकरों को निशाना बनाकर बड़ा हमला किया है। इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले में ईरान के करीब 30 तेल टैंकों और कई बड़े तेल डिपो को निशाना बनाया गया है।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस कार्रवाई के बाद बड़ा बयान देते हुए कहा कि ईरानी जनता के लिए अब “सच्चाई का क्षण” करीब है। उन्होंने दावा किया कि इजरायल और अमेरिका ने तेहरान के हवाई क्षेत्र पर लगभग पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर लिया है।

पहली बार तेल डिपो बने निशाना

फार्स समाचार एजेंसी ने ईरान के तेल मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से बताया कि पश्चिमी तेहरान में तीन बड़े तेल डिपो पर इजरायल ने हमला किया। रिपोर्ट के अनुसार राजधानी तेहरान के कुहाक और शाहरान इलाकों के साथ ही पास के शहर करज में भी हमले किए गए।

हमले के बाद तेहरान के कई हिस्सों में आसमान में काले धुएं का गुबार उठता देखा गया। यह पहली बार है जब इजरायल ने सीधे ईरान के तेल भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया है।

क्यों किए गए ये हमले?

रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की घरेलू ईंधन आपूर्ति प्रणाली को बाधित करना है। माना जा रहा है कि तेल डिपो पर हमले से सैन्य रसद, नागरिक परिवहन, बिजली उत्पादन और प्रशासनिक तंत्र पर दबाव बनाया जा सकता है।

विश्लेषकों का मानना है कि राजधानी के पास स्थित बड़े तेल भंडारण केंद्रों को निशाना बनाकर इजरायल ईरान के भीतर अस्थिरता पैदा करने की रणनीति पर काम कर रहा है।

खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले

दूसरी ओर ईरान भी जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी दूतावासों और राजनयिक मिशनों को निशाना बना रहा है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक ड्रोन हमले में रियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर को निशाना बनाया गया, जहां अमेरिकी दूतावास समेत कई विदेशी मिशन मौजूद हैं।

इसके अलावा इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास भी धमाकों की खबर सामने आई है। वहीं नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में अमेरिकी दूतावास के पास भी जोरदार धमाका हुआ, जिसकी पुष्टि स्थानीय पुलिस ने की है।

मध्य-पूर्व में बढ़ते इस तनाव के बीच दुनिया भर की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष किस दिशा में जाता है।

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