महाराष्ट्र स्थापना दिवस पर पीएम का खास संदेश… 2047 को लेकर लिखी ऐसी बात, जिसने बढ़ा दी सियासी हलचल
सीएम देवेंद्र फडणवीस को भेजे गए तीन पन्नों के पत्र में ‘विकसित महाराष्ट्र’ को ‘विकसित भारत’ से जोड़ा, इतिहास से भविष्य तक का पूरा खाका रखा

नई दिल्ली। महाराष्ट्र स्थापना दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक विस्तृत पत्र लिखकर राज्य के विकास और भविष्य की दिशा पर बड़ा संदेश दिया है। इस पत्र में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि “विकसित महाराष्ट्र” का विजन वर्ष 2047 तक “विकसित भारत” के राष्ट्रीय लक्ष्य के साथ पूरी तरह सामंजस्य रखता है।
प्रधानमंत्री ने तीन पन्नों के इस पत्र में महाराष्ट्र की ऐतिहासिक भूमिका, सांस्कृतिक विरासत और आर्थिक प्रगति की खुलकर सराहना की। उन्होंने लिखा कि यह राज्य सामाजिक सुधार, आध्यात्मिक चेतना और औद्योगिक विकास का मजबूत केंद्र रहा है, जिसने देश को नई दिशा देने में अहम योगदान दिया है।
महान विभूतियों को किया नमन
प्रधानमंत्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, लोकमान्य तिलक और वीर सावरकर जैसे महान नेताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी राष्ट्र निर्माण में मार्गदर्शक बने हुए हैं। साथ ही संत परंपरा और वारकरी आंदोलन को समाज में समानता और भक्ति की मजबूत नींव बताया।
2026 को बताया ऐतिहासिक साल
प्रधानमंत्री ने वर्ष 2026 को महाराष्ट्र के लिए बेहद खास बताया। इस वर्ष अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती, महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती, संत गाडगे बाबा की 150वीं जयंती समेत कई ऐतिहासिक अवसर मनाए जा रहे हैं। इसके अलावा महाड चवदार तालाब सत्याग्रह के 100 वर्ष और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने जैसे मौके भी इस साल को खास बनाते हैं।
मराठी भाषा और विरासत को मिली पहचान
पत्र में प्रधानमंत्री ने मराठी भाषा को 2024 में शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलने को गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। साथ ही महाराष्ट्र के किलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने का जिक्र करते हुए इसे राज्य के इतिहास और शौर्य की वैश्विक पहचान बताया।
आर्थिक विकास में आगे महाराष्ट्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र निवेश, उद्योग, नवाचार और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अग्रणी बना हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा राज्य में रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट और पोर्ट से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। 2025-26 के लिए रेलवे परियोजनाओं में 24,000 करोड़ रुपये का प्रावधान इसका बड़ा उदाहरण है।
गढ़चिरौली, अमरावती, धुले और नंदुरबार जैसे क्षेत्रों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये अब तेजी से विकसित होते नए निवेश और रोजगार के केंद्र बन रहे हैं।
भविष्य की रणनीति तैयार
प्रधानमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने 2029, 2035 और 2047 को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक विकास की रूपरेखा तैयार की है, जो राष्ट्रीय लक्ष्य “विकसित भारत” के अनुरूप है।
उन्होंने मराठवाड़ा जैसे जल संकट वाले क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों और सहकारिता मॉडल की सराहना की। साथ ही नासिक और त्र्यंबकेश्वर में होने वाले आगामी कुंभ मेले की तैयारियों के लिए राज्य सरकार को शुभकामनाएं दीं।
अंत में जताया शोक और शुभकामनाएं
पत्र के अंत में प्रधानमंत्री ने हाल में हुई कुछ दुखद घटनाओं का जिक्र करते हुए वरिष्ठ नेता शरद पवार के निधन पर शोक व्यक्त किया और उनके योगदान को याद किया।
प्रधानमंत्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज और राजमाता जीजाबाई के आशीर्वाद का स्मरण करते हुए “जय महाराष्ट्र” के साथ अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।









