झारखंड : बोकारो लापता युवती केस में सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: DNA जांच को मिला नया समय…एक हफ्ते के भीतर देनी होगी रिपोर्ट
Jharkhand: Supreme Court's Key Verdict in Bokaro Missing Woman Case—New Deadline Set for DNA Test; Report Must Be Submitted Within One Week.

रांची: झारखंड के चर्चित बोकारो लापता युवती मामले में डीएनए जांच को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने जांच प्रक्रिया को और सटीक बनाने के लिए समय सीमा में महत्वपूर्ण बदलाव किया है।
48 घंटे की डेडलाइन बढ़ाकर एक सप्ताह: जांच को मिलेगा बेहतर समय
शीर्ष अदालत ने युवती के माता-पिता के डीएनए सैंपल लेने की समय सीमा 48 घंटे से बढ़ाकर एक सप्ताह कर दी है। कोर्ट का मानना है कि इससे जांच अधिक वैज्ञानिक और त्रुटिहीन तरीके से पूरी की जा सकेगी। हालांकि अदालत ने झारखंड हाईकोर्ट के मूल आदेश में किसी भी प्रकार का बदलाव करने से इनकार कर दिया है।
राज्य सरकार की अपील पर फैसला: व्यावहारिक दिक्कतों को माना गया आधार
दरअसल हाईकोर्ट ने 16 अप्रैल को आदेश दिया था कि नामकुम स्थित आर्मी अस्पताल में 48 घंटे के भीतर सैंपल कलेक्शन पूरा किया जाए। इस पर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर कर समय सीमा को अव्यावहारिक बताया था। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह राहत दी, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि जांच में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
CFSL कोलकाता में होगी जांच: रिपोर्ट पर टिकी नजर
हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार बरामद कंकाल का डीएनए टेस्ट कोलकाता स्थित CFSL लैब में कराया जाएगा। राज्य सरकार को दो सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
हाईकोर्ट की सख्ती: अधिकारियों को देना पड़ा जवाब
इस संवेदनशील मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट का रुख काफी सख्त रहा है। पिछली सुनवाई में डीजीपी, बोकारो एसपी और एफएसएल डायरेक्टर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होना पड़ा था। साथ ही SIT प्रमुख को सैंपल कलेक्शन प्रक्रिया में पूरा सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है पूरा मामला: 31 जुलाई 2025 से लापता है युवती
मामला बोकारो के पिंडराजोड़ा थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां 18 वर्षीय युवती 31 जुलाई 2025 से लापता है। परिजनों ने उसकी तलाश के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
कंकाल को लेकर विवाद: परिजन और पुलिस आमने-सामने
जांच के दौरान एक कंकाल बरामद हुआ, जिसे पुलिस युवती का बता रही है। वहीं परिजनों के वकीलों का दावा है कि यह कंकाल उनकी बेटी का नहीं है। ऐसे में अब डीएनए रिपोर्ट ही इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाएगी।









