JLKM नेता तरुण महतो की पिटाई से हड़कंप: पुलिस हिरासत में आखिर क्या हुआ? कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब।

Uproar Over Beating of JLKM Leader Tarun Mahto: What Exactly Happened in Police Custody? Court Seeks Response from Government.

झारखंड में पुलिस हिरासत में कथित मारपीट के मामले ने अब गंभीर कानूनी मोड़ ले लिया है। झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले को स्वतः संज्ञान में लेते हुए जनहित याचिका पर सुनवाई शुरू की है। यह मामला तरुण महतो से जुड़ा है, जो झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता और पूर्व प्रत्याशी रह चुके हैं।

एसपी और स्वास्थ्य विभाग से मांगा गया जवाब
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए सरायकेला के पुलिस अधीक्षक और राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव से जवाब तलब किया है। अदालत ने स्पष्ट तौर पर पूछा है कि हिरासत में कथित मारपीट की घटना के बाद अब तक क्या कार्रवाई की गई और मेडिकल जांच की प्रक्रिया किस तरह पूरी की गई।

मेडिकल रिपोर्ट और निगरानी सिस्टम पर उठे सवाल
अदालत ने इस पूरे मामले में मेडिकल रिपोर्ट की पारदर्शिता और अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। साथ ही कोर्ट यह जानना चाहता है कि हिरासत में रखे गए व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कौन सी व्यवस्था लागू है और उसकी निगरानी कैसे की जाती है।

मुआवजा मिला, लेकिन कार्रवाई पर संदेह कायम
जानकारी के अनुसार पीड़ित को अंतरिम मुआवजे के रूप में राशि दी जा चुकी है, लेकिन पुलिस की कार्यशैली और कार्रवाई को लेकर सवाल अब भी बने हुए हैं। इस वजह से मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया है।

अगली सुनवाई में तय होगा आगे का रास्ता
कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। अब अगली सुनवाई में यह तय होगा कि मामले में आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे और जिम्मेदारी किस पर तय होगी।

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