झारखंड ट्रेजरी घोटाले में बड़ी कार्रवाई: SIT ने खोली परतें, 3 करोड़ के ट्रांसफर से चौंकाने वाला खुलासा

Major Action in Jharkhand Treasury Scam: SIT Uncovers Layers; Shocking Revelation Stemming from ₹3 Crore Transfer

रांची से सामने आए बहुचर्चित ट्रेजरी घोटाले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। Criminal Investigation Department Jharkhand की एसआईटी ने पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए हजारीबाग से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी एसपी कार्यालय की लेखा शाखा से जुड़े अवैध निकासी मामले में हुई है, जिससे घोटाले की कई परतें खुलने लगी हैं।

कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेजा गया आरोपी, मुख्य आरोपी से करीबी रिश्ता
गिरफ्तार आरोपी सौरभ कुमार सिंह को रांची की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे Birsa Munda Central Jail भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि वह इस मामले के मुख्य आरोपी रजनीश कुमार सिंह का मौसेरा भाई है, जिससे पूरे नेटवर्क के आपसी कनेक्शन भी सामने आ रहे हैं।

अब तक 6 गिरफ्तारी, पहले भी पुलिस कर चुकी थी कार्रवाई
सीआईडी द्वारा केस अपने हाथ में लेने और एसआईटी जांच शुरू होने के बाद यह पहली गिरफ्तारी है। इससे पहले हजारीबाग के लोहरसिंघना थाना क्षेत्र में दर्ज मामले के आधार पर जिला पुलिस पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें शंभु कुमार, काजल कुमारी, रजनीश कुमार सिंह, खुशबू सिंह और धरिंद्र सिंह शामिल हैं। इस तरह अब तक कुल छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

3 करोड़ का ट्रांसफर, 1.50 करोड़ की फर्जी एफडी का खुलासा
पूछताछ में सौरभ सिंह ने चौंकाने वाली जानकारी दी है। उसके मुताबिक, उसके खाते का इस्तेमाल कर मुख्य आरोपी ने 3 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की। भरोसे में लेकर उसे कुछ रकम रखने की अनुमति दी गई, जिसके तहत उसने 90 लाख और 60 लाख रुपये की दो एफडी करवाई, जिनकी कुल राशि 1.50 करोड़ रुपये है। इसके अलावा उसके खाते में करीब 18.86 लाख रुपये भी मिले हैं।

तीन जिलों में फैला नेटवर्क, अब बोकारो जांच का नया केंद्र
एसआईटी अब हजारीबाग, बोकारो और चाईबासा में फैले इस नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। जांच का दायरा बढ़ाते हुए बोकारो को अगला अहम केंद्र बनाया गया है। 8 मई को उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एसआईटी टीम वहां पहुंचेगी और एसपी कार्यालय व ट्रेजरी से जुड़े मामलों की पड़ताल करेगी।

23 अहम दस्तावेजों की जांच, फर्जी भुगतान की पूरी कहानी सामने आएगी
जांच को आगे बढ़ाने के लिए एसआईटी ने बोकारो एसपी कार्यालय से 23 महत्वपूर्ण दस्तावेज मांगे हैं। इनमें बजट आवंटन, भुगतान रजिस्टर, जीपीएफ निकासी, कर्मचारियों का विवरण और बैंक ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड शामिल हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी भुगतान और अवैध निकासी के पूरे नेटवर्क को उजागर करने की तैयारी है।

आगे और खुलासों के संकेत, कई बड़े नाम आ सकते हैं सामने
जांच एजेंसियों की सक्रियता को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। जैसे-जैसे दस्तावेजों की जांच आगे बढ़ेगी, इस पूरे मामले में जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।

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