धनबाद में माइंस के अंदर मौत का साया…बीसीसीएल आउटसोर्सिंग कंपनी में बड़ा हादसा…सुपरवाइजर की दर्दनाक मौत से हड़कंप

ड्यूटी पर निकले कर्मचारी की जिंदगी खत्म, गोपालिचक माइंस में दर्दनाक हादसे ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले के पुटकी थाना क्षेत्र अंतर्गत गोपालिचक में स्थित बीसीसीएल की सिंह नेचुरल आउटसोर्सिंग कंपनी की माइंस में एक बड़ा और दर्दनाक हादसा सामने आया है। इस घटना में सीनियर सुपरवाइजर रामस्वरूप चौहान की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश फैल गया है।

मृतक रामस्वरूप चौहान गोधर इलाके के निवासी बताए जा रहे हैं। परिजनों के अनुसार वे रोज की तरह सुबह ड्यूटी पर निकले थे, लेकिन कुछ ही घंटों बाद कंपनी की ओर से सूचना दी गई कि उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। जब परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे तो उन्हें शव सौंप दिया गया, जिससे परिजनों में कोहराम मच गया।

माइंस के अंदर भारी वाहन ने ली जान, मौके पर ही खत्म हुई जिंदगी

जानकारी के अनुसार माइंस के अंदर काम के दौरान एक वोल्वो भारी वाहन ने रामस्वरूप चौहान को कुचल दिया। बताया जा रहा है कि वाहन उनके ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

इस हादसे के बाद स्थानीय मजदूरों और कर्मचारियों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। लोगों का आरोप है कि माइंस में सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे ऐसे हादसे बार बार सामने आ रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल, धूल और लापरवाही बनी बड़ी वजह

स्थानीय लोगों का कहना है कि माइंस के अंदर भारी धूल के कारण दृश्यता बेहद कम रहती है। इसके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते। इसी लापरवाही के चलते इस तरह के जानलेवा हादसे लगातार हो रहे हैं।

कंपनी और पुलिस ने शुरू की जांच, कार्रवाई की मांग तेज

कंपनी की ओर से इंचार्ज श्री राम पांडेय ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

वहीं पुटकी थाना प्रभारी वकार हुसैन ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

स्थानीय लोगों का गुस्सा, सिर्फ मुआवजे से नहीं मिलेगा समाधान

इलाके के लोगों का कहना है कि ऐसे हादसे पहले भी होते रहे हैं, लेकिन हर बार मामला मुआवजे तक सीमित रह जाता है। जिम्मेदार लोगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से लापरवाही का सिलसिला जारी है, जिससे मजदूरों की जान लगातार खतरे में पड़ रही है।

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