रसोई से सड़क तक महंगाई का विस्फोट: गैस सिलेंडर के दाम बढ़ते ही चाय-समोसे से केक तक सब पर पड़ेगा असर
कमर्शियल LPG में भारी उछाल के बाद बाजार में हलचल, आम आदमी की जेब पर दिखेगा सीधा वार

देश में एक बार फिर महंगाई की आहट तेज हो गई है। सरकारी तेल कंपनियों के फैसले के बाद कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी ने बाजार में हलचल मचा दी है। 1 मई से लागू इस फैसले के तहत 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में ₹993 का जबरदस्त उछाल आया है, जिससे अब Indian Oil Corporation के अनुसार दिल्ली में इसकी कीमत ₹3,071.50 तक पहुंच गई है।
हालांकि राहत की बात यह है कि घरेलू LPG सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके अलावा घरेलू उड़ानों के लिए इस्तेमाल होने वाले एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत भी स्थिर रखी गई है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए जेट फ्यूल की कीमतों में करीब 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
यह बढ़ोतरी ऐसे समय पर हुई है जब हाल ही में पांच राज्यों के चुनाव खत्म हुए हैं, जिससे इस फैसले के समय को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
तेल कंपनियों का कहना है कि बढ़ती वैश्विक ऊर्जा कीमतों के बीच उन्होंने आम जनता को सीधे असर से बचाने के लिए घरेलू ईंधनों की कीमतों को स्थिर रखा है और अतिरिक्त लागत का बोझ खुद उठाने का फैसला किया है।
लेकिन असली असर अब बाजार में दिखना तय माना जा रहा है। कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने का मतलब है कि रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल और छोटे फूड स्टॉल्स की लागत बढ़ेगी। ऐसे में खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ना लगभग तय है।
चाय-समोसे, चाट-पकौड़े जैसे रोजमर्रा के स्नैक्स से लेकर होटल की थाली तक—हर चीज महंगी हो सकती है। खासकर शादी के सीजन में मिठाइयों, केक, बिस्किट और बेकरी आइटम्स की कीमतों में भी उछाल आने की संभावना है।
इतना ही नहीं, टिफिन सर्विस चलाने वाले और छोटे वेंडर भी इस बढ़ी हुई लागत का बोझ या तो ग्राहकों पर डालेंगे या फिर खाने की मात्रा कम कर देंगे।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, Eternal के संस्थापक Deepinder Goyal ने हाल ही में कहा कि कुछ इलाकों में LPG सप्लाई की दिक्कत जरूर आई है, लेकिन अब तक उनके प्लेटफॉर्म के बिजनेस पर इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।
फिलहाल, महंगाई की यह नई लहर धीरे-धीरे आम लोगों की जेब पर असर दिखाएगी। सवाल यही है कि क्या आने वाले दिनों में राहत मिलेगी या फिर रसोई से लेकर बाजार तक खर्च और बढ़ेगा।









