कहर बनकर टूटा मौसम! आंधी-बारिश और बिजली ने ली 13 जानें, अगले 48 घंटे और डराने वाले

भीषण गर्मी से मिली राहत बनी आफत, 33 जिलों में अलर्ट—पेड़ गिरे, सड़कें ठप, कई इलाकों में बिजली गुल

पटना। भीषण गर्मी से जूझ रहे बिहार में मौसम ने अचानक ऐसा करवट ली कि राहत की जगह तबाही देखने को मिल रही है। तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाओं ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान अलग-अलग जिलों में 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों के कारण आया है। बंगाल की खाड़ी से नमी भरी हवाएं और पश्चिमी विक्षोभ के असर से राज्य में मौसम अस्थिर हो गया है। इसके चलते अगले 48 घंटे यानी 3 मई तक तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।

33 जिलों में अलर्ट, तेज हवाओं की चेतावनी
मौसम विभाग ने राज्य के 33 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। लोगों को सावधानी बरतने और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

राहत के बीच भी गर्मी का असर बरकरार
तापमान में गिरावट जरूर दर्ज की गई है, लेकिन गर्मी का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। कैमूर में अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस, गया में 33.2 और राजगीर में 33.0 डिग्री दर्ज किया गया। राजधानी पटना में आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।

तूफान बना मौत का कारण
बुधवार रात से गुरुवार तक आए तूफान ने कई जिलों में तबाही मचा दी। मुजफ्फरपुर, मधुबनी, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, दरभंगा, हाजीपुर, छपरा और बेगूसराय समेत कई जगहों पर 13 लोगों की मौत हो गई।

बेगूसराय में एक नई इमारत की दीवार गिरने से युवक की जान चली गई। हाजीपुर में पेड़ गिरने से एक छह साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि मढ़ौरा में एक बुजुर्ग महिला ने दम तोड़ दिया। औरंगाबाद में शादी समारोह के दौरान बिजली गिरने से 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई।

पेड़ उखड़े, सड़कें जाम, बिजली ठप
तेज हवाओं ने कई इलाकों में पेड़ों और बिजली के खंभों को उखाड़ दिया, जिससे बड़े पैमाने पर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कई मुख्य सड़कों पर पेड़ गिरने से घंटों तक यातायात ठप रहा।

किसानों को भारी नुकसान
आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर भी पानी फेर दिया। आम और लीची की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

अभी और सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग ने साफ किया है कि आने वाले 48 घंटे और संवेदनशील हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने, मौसम अपडेट पर नजर रखने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

 

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