सरहद पर मंडरा रहा ‘मौत का ड्रोन’ खतरा! हथियार-नशे की खेप से दहली सरकार, अमित शाह ने खोला बड़ा सीक्रेट प्लान
अब सीमा पार से उड़कर आ रहे हथियार और ड्रग्स पर होगा डिजिटल हमला, अगले 6 महीने में शुरू होगी ऐसी सुरक्षा व्यवस्था जिससे दुश्मनों की रातों की नींद उड़ सकती है

नई दिल्ली/बीकानेर। भारत की सीमाओं पर मंडरा रहे ड्रोन खतरे को लेकर केंद्र सरकार अब बेहद सख्त मोड में नजर आ रही है। सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने बड़ा ऐलान करते हुए साफ कर दिया कि अब ड्रोन के जरिए होने वाली घुसपैठ और तस्करी को कुचलने के लिए सरकार बड़ा एक्शन प्लान लागू करने जा रही है।
राजस्थान के बीकानेर जिले स्थित सांचू सीमा चौकी पर बीएसएफ जवानों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि अगले छह महीने में भारत सरकार सीमा क्षेत्रों में अत्याधुनिक ड्रोन-रोधी सिस्टम लगाने का काम शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि ड्रोन से हथियार और नशे की खेप भेजना अब दुश्मन देशों की नई साजिश बन चुकी है और इसे रोकना देश की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
गृह मंत्री ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि खतरा सिर्फ सीमा पार से नहीं, बल्कि उन लोगों से भी है जो भारतीय जमीन पर गिरने वाली इन खेपों को उठाकर देश विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ड्रोन से गिराए गए हथियार और ड्रग्स किसके हाथों तक पहुंचते हैं? कौन लोग इस पूरे नेटवर्क को अंदर से चला रहे हैं? इन सवालों के जवाब खोजने के लिए सरकार अब लोकल पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच मजबूत तालमेल बनाने जा रही है।
अमित शाह ने “चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड” का जिक्र करते हुए कहा कि बीएसएफ, सेना, स्थानीय प्रशासन और जागरूक नागरिकों को मिलाकर ऐसा सुरक्षा घेरा तैयार किया जाएगा, जिससे सीमा पार से आने वाले हर खतरे को समय रहते खत्म किया जा सके। उन्होंने साफ कहा कि जब तक यह सुरक्षा ग्रिड पूरी तरह लागू नहीं होता, तब तक सुरक्षित सीमा की कल्पना अधूरी रहेगी।
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि बिहार, गुजरात, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल जैसे सीमावर्ती राज्यों में लगातार बैठकों का दौर जारी है। इन बैठकों का मकसद सीमा सुरक्षा को डिजिटल और तकनीकी रूप से और ज्यादा मजबूत बनाना है। सरकार अब सीमा सुरक्षा को पुराने तरीकों से नहीं, बल्कि हाईटेक निगरानी और त्वरित एक्शन मॉडल के जरिए संचालित करना चाहती है।
अपने संबोधन में अमित शाह ने “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान बीएसएफ जवानों की भूमिका की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जवानों ने सिर्फ दुश्मनों का मुकाबला नहीं किया, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों का मनोबल भी मजबूत बनाए रखा। जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने में भी बीएसएफ ने अहम भूमिका निभाई।
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश की सुरक्षा नीति पूरी तरह बदल चुकी है। सेना और सीमा सुरक्षा बलों का तेजी से आधुनिकीकरण किया जा रहा है और अब भारत की नीति जवाब देने की नहीं, बल्कि दुश्मन को हमला करने की हिम्मत तक खत्म करने की है।
अमित शाह ने सीमावर्ती गांवों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि घुसपैठ और ड्रोन नेटवर्क के जरिए देश के भीतर कृत्रिम जनसंख्या बदलाव और आतंकी नेटवर्क तैयार करने की कोशिशों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा।
इस दौरान शाह ने महिला बीएसएफ बैरक का उद्घाटन किया, जवानों से मुलाकात की, आधुनिक ड्रोन तकनीक का जायजा लिया और पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।









