Cooler खरीदने से पहले हो जाएं सावधान! दुकान वाले नहीं बताएंगे ये 5 राज, एक गलती और पूरी गर्मी बन जाएगी ‘सजा’
बाहर से चमचमाता कूलर अंदर से निकला बेकार तो न ठंडी हवा मिलेगी, न चैन की नींद… खरीदने से पहले जरूर पढ़ लें ये जरूरी रिपोर्ट

गर्मी शुरू होते ही हर घर में कूलर खरीदने की तैयारी शुरू हो जाती है, लेकिन यही वो समय होता है जब लोग सबसे ज्यादा गलती कर बैठते हैं। बाजार में डेजर्ट, टावर, पर्सनल और विंडो कूलर की भरमार है। दुकानदार बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन कई बार नया कूलर घर लाने के कुछ ही दिनों बाद लोगों को पछताना पड़ता है। कहीं कूलिंग गायब, कहीं मोटर की तेज आवाज और कहीं बिजली का बढ़ता बिल लोगों की नींद उड़ा देता है।
अगर आप भी इस गर्मी नया कूलर खरीदने जा रहे हैं तो सिर्फ कीमत या डिजाइन देखकर फैसला करना भारी पड़ सकता है। कुछ जरूरी बातें जानना बेहद जरूरी है, वरना आपका पैसा भी डूब सकता है और पूरी गर्मी भी खराब हो सकती है।
सबसे पहली और सबसे बड़ी गलती लोग कमरे के हिसाब से गलत कूलर चुनकर करते हैं। छोटे कमरे में बड़ा डेजर्ट कूलर लगाने से फायदा कम और परेशानी ज्यादा हो सकती है। वहीं बड़े हॉल में छोटा पर्सनल कूलर सिर्फ आवाज करेगा लेकिन राहत नहीं देगा। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि छोटे कमरे के लिए पर्सनल कूलर और बड़े स्पेस के लिए डेजर्ट कूलर बेहतर विकल्प होता है।
कूलर की असली ताकत उसके Cooling Pads में छिपी होती है, लेकिन ज्यादातर लोग इस पर ध्यान ही नहीं देते। सस्ते कूलर में लगाए गए खराब पैड कुछ ही समय में जवाब दे देते हैं। ऐसे में हवा ठंडी आने के बजाय सिर्फ गर्म झोंके महसूस होने लगते हैं। Honeycomb Pads वाले कूलर ज्यादा टिकाऊ और असरदार माने जाते हैं क्योंकि वे लंबे समय तक बेहतर कूलिंग बनाए रखते हैं।
कई लोग छोटी पानी की टंकी वाला कूलर खरीद लेते हैं और फिर हर कुछ घंटों में पानी भरने की परेशानी झेलते हैं। तेज गर्मी में छोटा टैंक जल्दी खाली हो जाता है। ऐसे में परिवार के इस्तेमाल के लिए कम से कम 40 से 60 लीटर की बड़ी टंकी वाला कूलर ज्यादा सुविधाजनक माना जाता है।
कूलर खरीदते समय बिजली की खपत पर ध्यान न देना भी भारी पड़ सकता है। शुरुआत में सस्ता लगने वाला कूलर बाद में बिजली बिल के जरिए बड़ा झटका दे सकता है। आजकल बाजार में कई ऐसे मॉडल मौजूद हैं जो कम बिजली में ज्यादा कूलिंग देते हैं। इन्वर्टर सपोर्ट वाले कूलर बिजली कटौती के दौरान भी राहत देने में मददगार साबित होते हैं।
कई बार लोग कूलर की सिर्फ बॉडी देखकर खुश हो जाते हैं, लेकिन असली परेशानी तब शुरू होती है जब उसकी हवा कमरे के कोनों तक पहुंचती ही नहीं। Air Throw कमजोर होने पर पूरा कमरा ठंडा नहीं हो पाता। इसके अलावा कुछ कूलर इतने ज्यादा शोर करते हैं कि रात की नींद तक खराब हो जाती है। इसलिए खरीदने से पहले उसकी Noise Level और Fan Speed जरूर जांच लेनी चाहिए।
सबसे जरूरी बात ये है कि सिर्फ सस्ती कीमत देखकर फैसला करना बाद में बड़ा नुकसान बन सकता है। कमजोर मोटर, खराब बॉडी और कम कूलिंग वाला कूलर कुछ दिनों में ही परेशानी का कारण बन जाता है। इसलिए हमेशा अच्छी क्वालिटी, मजबूत बॉडी और भरोसेमंद फीचर्स वाले कूलर को ही चुनना समझदारी मानी जाती है।









