मौत से 2-4 दिन पहले 25 और 18-24 घंटे पहले 9 चोट निशान?, हिरासत में शहीद हुए सीमा सुरक्षा बल के जवान जसविंदर सिंह?, शरीर पर 34 चोटें
2–4 दिन पहले और मौत से ठीक पहले लगी चोटों ने बढ़ाया शक, परिवार ने लगाए हिरासत में यातना के गंभीर आरोप

अमृतसर। पंजाब के अमृतसर से सामने आया एक मामला अब गहरे रहस्य और गंभीर आरोपों के घेरे में आ गया है। सीमा सुरक्षा बल के जवान जसविंदर सिंह की मौत को लेकर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, 35 वर्षीय जसविंदर सिंह की मौत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की हिरासत में पूछताछ के दौरान हुई थी। शुरुआती जानकारी में इसे तबीयत बिगड़ने का मामला बताया गया था, लेकिन अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने कहानी को पूरी तरह बदल दिया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, जवान के शरीर पर कुल 34 चोटों के निशान पाए गए हैं। इनमें से 25 चोटें मौत से दो से चार दिन पहले लगी बताई गई हैं, जबकि 9 चोटें मौत से ठीक 18 से 24 घंटे पहले की हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह समय वही है जब जवान एनसीबी की हिरासत में था।
इस खुलासे के बाद मामला और ज्यादा गंभीर हो गया है। जवान की पत्नी लवजीत कौर ने सीधे तौर पर हिरासत में यातना देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में चोटों के निशान यह साबित करते हैं कि उनके पति के साथ क्रूरता की गई।
परिवार का आरोप है कि जसविंदर सिंह को जम्मू से नारकोटिक्स टीम ने हिरासत में लिया था और पूछताछ के लिए अमृतसर लाया गया था। इसके बाद अचानक उनकी मौत की सूचना दी गई, जिसने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।
मामले में पंजाब मानवाधिकार संगठन भी सक्रिय हो गया है। संगठन के मुख्य जांचकर्ता सरबजीत सिंह वेरका ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट साझा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इस घटना ने एक बार फिर हिरासत में होने वाली मौतों और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह सिर्फ एक सामान्य मौत थी या इसके पीछे कोई ऐसा सच छिपा है, जो सामने आना अभी बाकी है।









